फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बराकेशव गांव में चकबंदी टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। गुरुवार दोपहर चकबंदी कार्य के बाद एक मकान में बैठे कर्मचारियों के साथ लाठी-डंडों से लैस किसानों ने हाथापाई की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस मामले में शुक्रवार शाम को चकबंदीकर्ता शिवकुमार ने अन्य कर्मचारियों के साथ नवाबगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने 20 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चकबंदीकर्ता शिवकुमार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 21 अगस्त को बराकेशव गांव में चकबंदी लेखपाल राशिद अली, सुरजीत, सत्यप्रकाश और अविनाश चक सीमांकन तथा कब्जा परिवर्तन का कार्य कर रहे थे। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे चक सीमांकन के बाद कर्मचारी पानी पीने के लिए गांव के ही सुरेंद्र के मकान पर गए। तभी 20 नामजद सहित 100 अज्ञात महिला-पुरुष मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हाथापाई की। चकबंदी विभाग चक सीमांकन करने में असमर्थ उपद्रवियों ने कर्मचारियों से जरीब, नक्शा और फोटोकॉपी छीन ली। कर्मचारियों ने अपनी जान बचाकर सुरेंद्र के मकान में शरण ली। बाद में नवाबगंज थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बचाया। उपद्रवी सरकारी जरीब और पैमाइश से संबंधित रजिस्टर भी अपने साथ ले गए, जिन्हें वापस नहीं किया गया। इस घटना के कारण चकबंदी विभाग चक सीमांकन करने में असमर्थ है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इन व्यक्तियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। शिवकुमार ने सभी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद देर रात मामला दर्ज किया गया। नवाबगंज थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें बराकेशव गांव निवासी राजेश, विजनेस, जयरतन, पप्पू, जयवीर, सुरेश, फेरूसिंह, प्रेमचंद, शिवराखन, कल्लू, हुकुम सिंह, अतुल, प्रतीक, प्रशांत, प्रवेश, धर्मपाल, मुकेश, सुनील, जसवीर, जयरतन और जगतपाल शामिल हैं। इनके अलावा 100 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है।

