किशनगंज में लगातार बारिश के बाद किशनगंज शहर के पश्चिमपाली इलाके में जलजमाव की समस्या ने एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क जिले के सातों प्रखंडों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। नालियां ऊंची, सड़क बनी जलाशय स्थानीय लोगों का कहना है कि पश्चिमपाली में बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। सड़क से ऊंची बनी नालियों के कारण पानी उसमें जाने के बजाय सड़क पर जमा हो जाता है। हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। दुकानों में घुस रहा बारिश का पानी सड़क पर पानी भरने से जहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, वहीं पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे स्थित कई दुकानों में भी बारिश का पानी प्रवेश कर जाता है। दुकानदारों का कहना है कि हर साल जलजमाव के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गंदे पानी में नहाकर जताया विरोध जलजमाव की समस्या के खिलाफ समाजसेवी इम्तियाज नसर ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पानी से भरी सड़क पर जमा गंदे पानी में नहाकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब तक जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद इस समस्या की गंभीरता को महसूस नहीं करेंगे, तब तक इसका स्थायी समाधान संभव नहीं है। नगर परिषद से स्थायी समाधान की मांग इम्तियाज नसर ने पश्चिमपाली की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नगर परिषद से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं आया। विकास के दावों पर उठाए सवाल लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही जमीनी हकीकत सामने आ जाती है। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किशनगंज में लगातार बारिश के बाद किशनगंज शहर के पश्चिमपाली इलाके में जलजमाव की समस्या ने एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क जिले के सातों प्रखंडों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। नालियां ऊंची, सड़क बनी जलाशय स्थानीय लोगों का कहना है कि पश्चिमपाली में बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। सड़क से ऊंची बनी नालियों के कारण पानी उसमें जाने के बजाय सड़क पर जमा हो जाता है। हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। दुकानों में घुस रहा बारिश का पानी सड़क पर पानी भरने से जहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, वहीं पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे स्थित कई दुकानों में भी बारिश का पानी प्रवेश कर जाता है। दुकानदारों का कहना है कि हर साल जलजमाव के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गंदे पानी में नहाकर जताया विरोध जलजमाव की समस्या के खिलाफ समाजसेवी इम्तियाज नसर ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पानी से भरी सड़क पर जमा गंदे पानी में नहाकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब तक जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद इस समस्या की गंभीरता को महसूस नहीं करेंगे, तब तक इसका स्थायी समाधान संभव नहीं है। नगर परिषद से स्थायी समाधान की मांग इम्तियाज नसर ने पश्चिमपाली की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नगर परिषद से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं आया। विकास के दावों पर उठाए सवाल लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही जमीनी हकीकत सामने आ जाती है। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

