घुटनों के दर्द से हर कदम हो रहा है भारी, जानिए कब पड़ती है Partial Knee Replacement की जरूरत

घुटनों के दर्द से हर कदम हो रहा है भारी, जानिए कब पड़ती है Partial Knee Replacement की जरूरत

Partial Knee Replacement Need: बढ़ती उम्र, चोट या आर्थराइटिस (गठिया) की वजह से जब घुटनों में दर्द रहने लगता है, तो उठना-बैठना और चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि घुटने की सर्जरी का मतलब पूरा घुटना बदलना ही है, लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं होता। आइए जानते हैं कि पार्शियल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी क्या है और इसकी जरूरत कब पड़ती है।

Partial Knee Replacement क्या होता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, Partial Knee Replacement एक तरह की घुटने की सर्जरी (जोड़ बदलने का इलाज) है। इसमें डॉक्टर आपके घुटने के सिर्फ उसी हिस्से को निकालकर उसकी जगह नकली (आर्टिफिशियल) हिस्सा लगाते हैं, जो खराब या क्षतिग्रस्त हो चुका होता है। इस सर्जरी के बाद ज्यादातर लोगों को पूरी तरह ठीक होने में लगभग 6 हफ्ते का समय लगता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि आप ऑपरेशन के तुरंत बाद ही सहारे (जैसे वॉकर या छड़ी) की मदद से चलना-फिरना शुरू कर सकते हैं।

कब पड़ती है पार्शियल नी रिप्लेसमेंट की जरूरत?

डॉक्टर इस सर्जरी की सलाह तब देते हैं जब मरीज में नीचे दी गई स्थितियां देखने को मिलती हैं;

  • दर्द घुटने के सिर्फ एक हिस्से में हो।
  • जब फिजियोथेरेपी, दर्द की दवाइयों से भी दर्द में राहत मिलना बंद हो जाए।
  • घुटने का बाकी हिस्सा स्वस्थ हो।
  • घुटना पूरी तरह से मुड़ता और सीधा होता हो।

इसके मुख्य फायदे क्या हैं?

टोटल नी रिप्लेसमेंट की तुलना में पार्शियल नी रिप्लेसमेंट के कई बड़े फायदे होते हैं;

  • छोटा कट और कम खून बहना।
  • मरीज सर्जरी के बाद बहुत जल्दी चलने-फिरने लगता है।
  • चलने पर घुटना बिल्कुल कुदरती (Natural) महसूस होता है।
  • ऑपरेशन के बाद होने वाला दर्द Total Knee Replacement के मुकाबले काफी कम होता है।

सर्जरी के बाद किन बातों का ध्यान रखें?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, घुटने की सर्जरी के बाद आपको रिकवरी के लिए ये करने चाहिए;

  • सारे काम एक ही मंजिल पर रखें।
  • बाथरूम में पकड़ने के लिए हैंडल लगवाएं।
  • अगर सीढ़ियां चढ़ना जरूरी हो, तो उनकी रेलिंग एकदम मजबूत और टाइट होनी चाहिए।
  • आरामदायक कुर्सी और फुटस्टूल रखें।
  • टॉयलेट सीट ऊंची करें।
  • नहाने के लिए स्टूल या बेंच रखें।
  • रास्ते से फिसलने वाली चीजें हटा दें।
  • डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा बताई गई कसरत (Exercises) रोज करें ताकि घुटना तेजी से मजबूत हो।
  • जब तक डॉक्टर मना न करें, चलने के लिए वॉकर या छड़ी का इस्तेमाल करें।
  • शरीर का ज्यादा वजन नए जोड़ पर दबाव डाल सकता है, इसलिए अपने वजन को कंट्रोल में रखें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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