संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में संगीत प्रेमियों के लिए मोतीमहल परिसर में दो मंजिला ‘म्यूजियम ऑफ म्यूजिक’ बनाया जाएगा। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (MPTB) की इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। तकनीकी बोली की जांच पूरी हो चुकी है और अब इसी महीने वित्तीय बोली खोली जाएगी। इसके बाद अंतिम बजट तय कर चयनित एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। म्यूजियम तैयार करने के लिए लगभग 19.18 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है। तानसेन के जीवन और संगीत सफर की झलक संग्रहालय को पूरी तरह संगीत की थीम पर तैयार किया जाएगा। इसमें संगीत सम्राट तानसेन के जीवन, उनके संगीत सफर और उनसे जुड़ी दुर्लभ यादों को विशेष गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा। पर्यटकों और संगीत साधकों को तानसेन के दौर का अनुभव कराने के लिए आधुनिक तकनीक और थीम-बेस्ड गैलरी का इस्तेमाल किया जाएगा। पुराने संभागायुक्त कार्यालय में बनेगा संग्रहालय म्यूजियम ऑफ म्यूजिक मोतीमहल स्थित पुराने संभागायुक्त कार्यालय वाले हिस्से में बनाया जाएगा। पूर्व में आग लगने की घटना के बाद संभागायुक्त कार्यालय को मोतीमहल के दूसरे हिस्से में शिफ्ट कर दिया गया था। खाली पड़ी इस दो मंजिला इमारत के हॉल और कमरों को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। दूसरी बार योजना को मिली गति तानसेन के नाम पर संगीत संग्रहालय बनाने की योजना का यह दूसरा प्रयास है। इससे पहले केंद्र सरकार की मदद से मोतीमहल के अन्नपूर्णा भवन में इसके लिए जगह तय की गई थी। हालांकि, बाद में वह जगह पर्यटन निगम को नहीं मिल सकी और वहां स्मार्ट सिटी का कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बना दिया गया। स्थान नहीं मिलने से योजना कुछ समय के लिए अटक गई थी। अब नए स्थान के चयन और टेंडर प्रक्रिया के साथ प्रोजेक्ट ने दोबारा गति पकड़ ली है। 9.18 करोड़ रुपए से बनेगा म्यूजियम म्यूजियम ऑफ म्यूजिक के निर्माण पर लगभग 19.18 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। परियोजना की तकनीकी बोली की जांच पूरी हो चुकी है। अब इसी महीने वित्तीय बोली खोली जाएगी। इसके बाद चयनित एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। संग्रहालय में तानसेन के जीवन, संगीत सफर और उनसे जुड़ी दुर्लभ यादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

