घर के लिए निकलने से पहले पति की एक बार कॉल आई थी, वह बेटी से बात करने के लिए बोले। वो सोई थी, इसलिए बुलाने नहीं गई। इसके बाद 55 बार कॉल की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। मुझे नहीं पता था कि वो आखिरी बार कॉल किए थे। उनके हमारी अब कभी बात नहीं होगी। घर पर तिरंगे में लिपटा सीआईएसएफ जवान का शव आया तो पत्नी चीखते हुए यह बोली। इसके बाद चारो तरफ घर में चीख पुकार मच गई। सीआईएसएफ जवान की 12 साल की इकलौती बेटी अपनी मां को बार-बार चुप करा रही थी। गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के कालेसर जीरो प्वाइंट स्थित बोक्टा-बरवार बांध के किनारे 4 अक्टूबर की देर रात मृत मिले सीआईएसएफ जवान कर्मवीर यादव (38) की हत्या सिर पर वार कर की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट के निशान मिले हैं। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या की जांच आगे बढ़ा दी है। जवान के पिता दिनेश चंद्र यादव की तहरीर पर गीडा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हत्या के कारण और इसमें शामिल लोगों की तलाश में जुटी है। 55 बार कॉल की, वो नहीं उठाए प्रतिमा ने बताया कि वह रविवार रात करीब 55 बार पति के मोबाइल पर कॉल की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में देवर के माध्यम से उन्हें कर्मवीर के अस्पताल में होने की जानकारी मिली। परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां पति की लाश सफेद कपड़े में लपेट कर रखी थी। जिसके बाद चीख पुकार मच गई।
बाघागाड़ा निवासी मृतक कर्मवीर यादव के तीन भाई धर्मवीर, उदयवीर और रणवीर हैं। कर्मवीर की शादी 12 साल पहले हुई थी। उनकी सीआईएसएफ में दीवान पद पर तैनाती 2 साल पहले धनबाद में हुई थी। एक बेटी रिया यादव 7 में पढ़ती है। छुट्टी लेकर गांव लौट रहा था जवान भाई धर्मबीर ने बताया कि कर्मवीर रविवार को छुट्टी लेकर गांव लौट रहे थे। ट्रेन छूट जाने के कारण उन्होंने किराये की गाड़ी से घर आने का फैसला किया था। रविवार देर रात करीब 12 बजे कालेसर जीरो प्वाइंट के पास बोक्टा-बरवार बांध के किनारे उनका अचेत अवस्था में पड़े मिले। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जवान की जेब से मिले सीआईएसएफ के आईकार्ड के आधार पर उनकी पहचान हुई। सूचना मिलते ही गांव में भी मातम छा गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद देर रात पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में परमबीर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता दिनेश चंद्र यादव ने मुखाग्नि दी। टोल प्लाजा के कैमरों से तलाशे जाएंगे सुराग
पुलिस परमबीर के धनबाद से गांव आने के लिए इस्तेमाल की गई किराये की गाड़ी के बारे में जानकारी जुटा रही है। गाड़ी में परमबीर के अलावा और कौन-कौन सवार था और रास्ते में वह किन स्थानों पर रुकी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस कालेसर और आसपास के टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालेगी। इससे गाड़ी की आवाजाही और उसमें सवार लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में सीओ गीडा आभा सिंह ने बताया- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। पुलिस टीम घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और मृतक के संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

