गोरखपुर में सोमवार की सुबह से छाए बादल:ठंडी हवाओं ने उमस दी राहत, शाम तक बारिश के आसार

गोरखपुर में सोमवार की सुबह से छाए बादल:ठंडी हवाओं ने उमस दी राहत, शाम तक बारिश के आसार

गोरखपुर में सोमवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाओं के चलने से उमस से काफी हद तक राहत है। हालांकि दोपहर तक धूप निकलने की उम्मीद जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने आज शाम तक बारिश के 55 प्रतिशत सम्भावना जताई है। उनका कहना है कि शहर और आसपास के एरिया में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं आने वाले एक से दो दिनों तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। जिसमें कभी धूप और कभी बादल देखने को मिल सकता है। बीच- बीच में छिटपुट बरसात की उम्मीद है। आज शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद जताई गई है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त महीने में अब तक करीब 38 मिमी बरसात दर्ज की गई है। जबकि पूरे महीने में 320 मिमी बारिश होने की संभावना है। दो दिनों तक बना रहेगा यही मिजाज मौसम विभाग का आकलन है कि आने वाले 24 से 48 घंटों तक मौसम का रुख इसी तरह अनिश्चित बना रहेगा। इस दौरान धूप और बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और बीच-बीच में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती हैं। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा में नमी अधिक होने की वजह से महसूस होने वाला तापमान मूल तापमान से काफी ज्यादा रहेगा, जिससे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने वालों को अत्यधिक पसीना और बेचैनी झेलनी पड़ेगी। अगस्त में अब तक 38 मिमी बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के शुरुआती दिनों में शहर में केवल 38 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं इस साल पूरे महीने में 320 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना जताई गई है। जबकि औसतन वर्षा 330 होती है। धान को हो सकता है नुकसान
वर्तमान आंकड़ों की तुलना की जाए तो अब तक हुई वर्षा सामान्य के मुकाबले काफी कम है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी मानसूनी बारिश नहीं होती है, तो इसका सीधा असर धान की फसल पर पड़ सकता है, जिसे इस समय पानी की सख्त जरूरत है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं फिलहाल कमजोर हैं। जैसे ही कोई नया मानसूनी सिस्टम सक्रिय होगा, वैसे ही पूर्वांचल के जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो सकेगा। तब तक नागरिकों को उमस और छिटपुट बौछारों के मिले-जुले दौर से ही गुजरना पड़ेगा। पिछले दिनों का तापमान कैसा रहा
आने वाले दिनों के तापमान का पूर्वानुमान

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