गोरखपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैम्पियरगंज में शुक्रवार को हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल और सीएमओ के सहयोग से मुफ्त कैंसर जांच और ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया गया। सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक चले इस कैंप में 129 मरीजों की जांच की गई और उन्हें मुफ्त दवाएं दी गईं। इस दौरान डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कर्मियों, आशा संगिनियों और आम लोगों को ओरोफेरिन्जियल कैंसर के लक्षण और बचाव की जानकारी दी। कैंसर अस्पताल के डॉक्टर नरेंद्र बिरबिया और डॉ. तरुण कांति राजन ने मरीजों की जांच कर जरुरी सलाह दी। कैंप में आए ज्यादातर लोग मुंह के छाले, ब्रेस्ट में गांठ, पाचन की दिक्कत और भूख न लगने जैसी समस्याओं से परेशान थे। तंबाकू और नशा है मुख्य वजह
डॉ. तरुण कांति राजन ने बताया कि ओरोफेरिन्जियल कैंसर टॉन्सिल, जीभ के पिछले हिस्से और गले की दीवार में होता है। गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट और शराब का इस्तेमाल करने वालों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। वहीं, शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि देश में हर साल कैंसर के 11 लाख नए मामले आते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा का पता देर से चलता है, क्योंकि गांवों में जागरूकता और जांच सुविधाओं की कमी है। भारत में महिलाओं में 58% से अधिक मामले गर्भाशय ग्रीवा, स्तन और मुंह के कैंसर के होते हैं। समय पर जांच और सही आदतों से इस बीमारी को रोका जा सकता है। कार्यक्रम में सभी को कैंसर जागरूकता से जुड़ी किताबें और पर्चे बांटे गए। इस मौके पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनय कुमार वर्मा, डॉ. प्रभात मद्धेशिया, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी समेत अस्पताल के कई डॉक्टर और कर्मचारी मौजूद रहे।

