गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना गांव में मस्जिद परिसर में एक मौलवी की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय सफीक आलम के रूप में हुई है। यह घटना देर रात की बताई जा रही है। मौलवी सफीक आलम भोरे थाना क्षेत्र के सिसई गांव के निवासी थे। वह पिछले कुछ समय से अरना गांव की मस्जिद में मौलवी के तौर पर सेवाएं दे रहे थे और मस्जिद परिसर में ही रहते थे। पुलिस के अनुसार, देर रात जब मौलवी मस्जिद परिसर में थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मस्जिद परिसर और आसपास मौजूद लोगों से गहन पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी
फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मृतक के परिजनों और परिचितों से बातचीत कर आपसी रंजिश या अन्य संभावित वजहों की जांच कर रही है। संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी जारी है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना गांव में मस्जिद परिसर में एक मौलवी की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय सफीक आलम के रूप में हुई है। यह घटना देर रात की बताई जा रही है। मौलवी सफीक आलम भोरे थाना क्षेत्र के सिसई गांव के निवासी थे। वह पिछले कुछ समय से अरना गांव की मस्जिद में मौलवी के तौर पर सेवाएं दे रहे थे और मस्जिद परिसर में ही रहते थे। पुलिस के अनुसार, देर रात जब मौलवी मस्जिद परिसर में थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मस्जिद परिसर और आसपास मौजूद लोगों से गहन पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी
फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मृतक के परिजनों और परिचितों से बातचीत कर आपसी रंजिश या अन्य संभावित वजहों की जांच कर रही है। संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी जारी है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

