गोपालगंज के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के पिपरा दुलदुलिया गांव में छठू यादव की हत्या के मामले में व्यवहार न्यायालय की एडीजे-1 अदालत ने अभियुक्त शमीम अहमद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। मामले में यह फैसला अपर लोक अभियोजक रमेश चंद्र मिश्रा की ओर से प्रस्तुत अभियोजन पक्ष के अनुसार सुनाया गया। चारपाई पर सो रहे छठू यादव पर हुई थी फायरिंग अपर लोक अभियोजक रमेश चंद्र मिश्रा के अनुसार, घटना 2 अक्टूबर 2024 की रात करीब 10 बजे की है। मांझागढ़ थाना क्षेत्र के पिपरा दुलदुलिया गांव निवासी छठू यादव चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोरखपुर और लखनऊ में चला इलाज, फिर हुई मौत परिजन घायल छठू यादव को तत्काल गोपालगंज सदर अस्पताल ले गए। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। बाद में उन्हें लखनऊ ले जाया गया, जहां 2 नवंबर 2024 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मौत से पहले दर्ज कराए गए बयान में शमीम अहमद का नाम सामने आया था। पुलिस ने जांच के बाद दाखिल की चार्जशीट मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अनुसंधान के दौरान गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शमीम अहमद की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा और मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अदालत में अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने शमीम अहमद को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गोपालगंज के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के पिपरा दुलदुलिया गांव में छठू यादव की हत्या के मामले में व्यवहार न्यायालय की एडीजे-1 अदालत ने अभियुक्त शमीम अहमद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। मामले में यह फैसला अपर लोक अभियोजक रमेश चंद्र मिश्रा की ओर से प्रस्तुत अभियोजन पक्ष के अनुसार सुनाया गया। चारपाई पर सो रहे छठू यादव पर हुई थी फायरिंग अपर लोक अभियोजक रमेश चंद्र मिश्रा के अनुसार, घटना 2 अक्टूबर 2024 की रात करीब 10 बजे की है। मांझागढ़ थाना क्षेत्र के पिपरा दुलदुलिया गांव निवासी छठू यादव चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोरखपुर और लखनऊ में चला इलाज, फिर हुई मौत परिजन घायल छठू यादव को तत्काल गोपालगंज सदर अस्पताल ले गए। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। बाद में उन्हें लखनऊ ले जाया गया, जहां 2 नवंबर 2024 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मौत से पहले दर्ज कराए गए बयान में शमीम अहमद का नाम सामने आया था। पुलिस ने जांच के बाद दाखिल की चार्जशीट मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अनुसंधान के दौरान गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शमीम अहमद की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा और मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अदालत में अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने शमीम अहमद को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

