इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विजेंद्र कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने जिला अलीगढ़ में दर्ज तीन अलग-अलग गैंगस्टर सेशन ट्रायल की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है।
ये मामले क्रमशः थाना जवां, खैर और अकराबाद में दर्ज हैं, जो यूपी गैंगस्टर एवं सामाजिक विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 2/3 के तहत है। वकीलों की दलील याची अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि हर मामले में गैंग चार्ट में केवल एक-एक केस दिखाकर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है, जबकि एक समग्र गैंग चार्ट बनाया जाना चाहिए था जिसमें तीनों मामलों को शामिल किया जाता। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदक को सभी मूल आपराधिक मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है, और अलग-अलग गैंग चार्ट तैयार करना झूठे फंसाने का संकेत है। न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।कहा कि अगली सुनवाई तक आवेदक के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

