गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, Shahzad Bhatti Network को UAPA में आतंकी संगठन घोषित किया

गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, Shahzad Bhatti Network को UAPA में आतंकी संगठन घोषित किया

गृह मंत्रालय (MHA) ने बुधवार को ‘शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क’ को ‘गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम’ (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह समूह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर उकसाने के अलावा, सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में भी शामिल है। गृह मंत्री के कार्यालय ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस (सख़्त रवैये) के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए, गृह मंत्रालय (MHA) ने ‘शहज़ाद भट्टी नेटवर्क’ को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

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मंत्रालय ने बताया कि यह ग्रुप हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी में शामिल है, साथ ही युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर उकसाता है। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाते हुए, इस सिंडिकेट ने नफ़रत फैलाने वाला डिजिटल कंटेंट भी पब्लिश किया। MHA ने कहा कि ‘शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN)’ एक ऐसा संगठन है जिसका मकसद भोले-भाले युवाओं और स्थानीय अपराधियों को शामिल करके सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी करना है। साथ ही, आतंकवादी गतिविधियों के ज़रिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करना भी इसका मकसद है।

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MHA ने आगे कहा कि इसके अलावा, ‘शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN)’ हिंसक गतिविधियों के ज़रिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ती है। साथ ही, यह संगठन भड़काऊ संदेश फैलाने के लिए अलग-अलग डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है, जो देश की अखंडता के लिए एक गंभीर चुनौती है। शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के सदस्यों के ख़िलाफ़ कई इलाकों में गैर-कानूनी और आतंकवादी गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल होने के लिए कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले भारतीय न्याय संहिता, 2023, आर्म्स एक्ट, 1959, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908, विस्फोटक अधिनियम, 1884, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2007, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 और आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 जैसे विभिन्न कानूनों के तहत दर्ज किए गए हैं।

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