गुमला में सांप के डसने से एक व्यक्ति की मौत:24 घंटे में सांप के डसने की चार घटनाएं आई सामने, 3 लोग सदर अस्पताल में भर्ती

गुमला में सांप के डसने से एक व्यक्ति की मौत:24 घंटे में सांप के डसने की चार घटनाएं आई सामने, 3 लोग सदर अस्पताल में भर्ती

गुमला जिले में जहरीले सांप का खोफ थमने का नाम नही ले रहा है, पिछले 24 घंटे में सांप के डसने की चार घटनाएं सामने आई हैं। इनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों का सदर अस्पताल गुमला में इलाज चल रहा है। घाघरा के पाठकपुर निवासी 65 वर्षीय अगुस्टिन कुजूर की सांप के डसने से मौत हुई। उनकी बेटी ज्योति कुजूर ने बताया कि रविवार दोपहर खेत में सांप ने उन्हें डस लिया। परिजन उन्हें तुरंत सदर अस्पताल गुमला ले गए, जहां सोमवार आधी रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य सर्पदंश मामलों में घाघरा के कोटामाटी निवासी 50 वर्षीय श्रीकुमार भगत, खपिया निवासी 40 वर्षीय उमेश उरांव और कुरुमगढ़ के कुटमा निवासी 22 वर्षीय प्रदीप असुर घायल हुए हैं। तीनों का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। अगुस्टिन कुजूर के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम भी कराया गया। डॉक्टर पीसी के भगत ने लोगों से अंधविश्वास से बचने और सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की। उन्होंने बताया कि पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं और ग्रामीण इलाकों में जमीन पर सोने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। गुमला जिले में जहरीले सांप का खोफ थमने का नाम नही ले रहा है, पिछले 24 घंटे में सांप के डसने की चार घटनाएं सामने आई हैं। इनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों का सदर अस्पताल गुमला में इलाज चल रहा है। घाघरा के पाठकपुर निवासी 65 वर्षीय अगुस्टिन कुजूर की सांप के डसने से मौत हुई। उनकी बेटी ज्योति कुजूर ने बताया कि रविवार दोपहर खेत में सांप ने उन्हें डस लिया। परिजन उन्हें तुरंत सदर अस्पताल गुमला ले गए, जहां सोमवार आधी रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य सर्पदंश मामलों में घाघरा के कोटामाटी निवासी 50 वर्षीय श्रीकुमार भगत, खपिया निवासी 40 वर्षीय उमेश उरांव और कुरुमगढ़ के कुटमा निवासी 22 वर्षीय प्रदीप असुर घायल हुए हैं। तीनों का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। अगुस्टिन कुजूर के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम भी कराया गया। डॉक्टर पीसी के भगत ने लोगों से अंधविश्वास से बचने और सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की। उन्होंने बताया कि पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं और ग्रामीण इलाकों में जमीन पर सोने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।  

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