गुना में अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों पर FIR:महिला की मौत के बाद परिजनों ने किया था चक्काजाम; अस्पताल की बताई थी लापरवाही

गुना में अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों पर FIR:महिला की मौत के बाद परिजनों ने किया था चक्काजाम; अस्पताल की बताई थी लापरवाही

गुना शहर के बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला की मौत के बाद अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के मामले में शुक्रवार को FIR दर्ज की गई है। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवार वालों ने पहले अस्पताल में तोड़फोड़ की, इसके बाद ओवरब्रिज पर चक्काजाम कर दिया था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी ज्ञापन सौंपा था। बता दें कि मामला 27 सितंबर का है। आरोन इलाके के भादौर की रहने वाली राजकुमारी बाई (26) की तबीयत खराब थी। 16 सितंबर को उसे बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे खून की कमी बताई। इसके बाद उसे चार यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था। 21 सितंबर को उसकी तबियत ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। ओवरब्रिज पहुंच चक्काजाम कर दिया था
26 सितंबर की शाम उसकी फिर तबियत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे लेकर वापस बालाजी हॉस्पिटल पहुंचे। परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर भी उसका इलाज शुरू नहीं किया गया। न ही किसी डॉक्टर ने उसे देखा। रात में ही उसकी मौत हो गई। परिवार वालों का कहना था कि जब उसे अस्पताल लाए थे, तब उसकी सांसें चल रही थीं। सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। वेंटिलेटर को गिरा दिया। रिसेप्शन पर रखे कंप्यूटर को नीचे गिरा दिया। वहीं परिसर में रखे कूलर को भी तोड़ दिया। इसके बाद परिवार वाले बॉडी लेकर ओवरब्रिज पहुंचे और यहां चक्काजाम कर दिया था। डॉक्टरों ने भी दिया था ज्ञापन
मामले के दूसरे दिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टरों ने भी ज्ञापन सौंपा था। घटना के दूसरे दिन निजी चिकित्सा संघ ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि सीसीटीवी फुटेज और क्षतिग्रस्त उपकरणों की सूची के आधार पर उपद्रवियों पर डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर क्षतिपूर्ति कराई जाए, ताकि भविष्य में डॉक्टरों व अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जांच के बाद एफआईआर
पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद महेश ओझा, प्रदीप ओझा, सतीश ओझा, संजीव ओझा, धर्मवीर सिंह ढिलों सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296(ए), 324(5), 351(2), 126(2), 191(2) और 190 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य तथ्यों, तोड़फोड़ में शामिल लोगों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

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