गुजरात पुलिस बेड़े में 25 अगस्त से जुड़ेंगे 500 नए 112 ‘जनरक्षक’ वाहन

गुजरात पुलिस बेड़े में 25 अगस्त से जुड़ेंगे 500 नए 112 ‘जनरक्षक’ वाहन

Ahmedabad. गुजरात में नागरिकों को आपात स्थिति में पुलिस सहायता और सुरक्षा जल्द उपलब्ध कराने के लिए 112 ‘जनरक्षक’ सेवा को और मजबूत किया जा रहा है। जिसके तहत गुजरात पुलिस के काफिले में 500 नए ‘जनरक्षक’ वाहनों को शामिल किया जाएगा। इस तरह राज्यभर में 24 घंटे इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए 1000 जनरक्षक वाहन उपलब्ध रहेंगे। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी मंगलवार को गांधीनगर स्थित नए सचिवालय से इन नए जनरक्षक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

27 मिनट से घटकर 10:49 मिनट हुआ रिस्पॉन्स टाइम

गृह विभाग के तहत राज्य में जनरक्षक सेवा लागू हुए 11 महीने हो गए हैं। इस दौरान राज्य में 11.04 लाख से अधिक इमरजेंसी में समन्वित सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं 6.74 लाख से अधिक पुलिस इमरजेंसी मामलों में तत्काल सेवा दी गई है। 150 सीट वाले आधुनिक कॉल सेंटर, कम्प्यूटर एडेड डिस्पैच सिस्टम और कॉलर लोकेशन तकनीक के इस्तेमाल से राज्य में पुलिस का औसत रिस्पॉन्स टाइम 27 मिनट से घटकर 10:49 मिनट हो गया है। नए वाहनों और आधुनिक तकनीक के जरिए इसे और कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

अब सीमा नहीं बनेगी बाधा, नजदीकी पीसीआर पहुंचेगी

112 सेवा को और बेहतर करने के लिए नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू किए गए हैं। अब घटना स्थल तक पहुंचने में पुलिस थाने या सीमा क्षेत्र बाधा नहीं बनेगी। घटना स्थल के सबसे नजदीक उपलब्ध पीसीआर वाहन को तत्काल मौके पर रवाना किया जाएगा, ताकि नागरिकों को कम से कम समय में सहायता मिल सके।

निजी टैक्सी समेत चार एप में 112 पैनिक बटन उपलब्ध

गृह विभाग के तहत 112 जनरक्षक हेल्पलाइन सेवा में पुलिस (100), एंबुलेंस (108), फायर (101), महिला हेल्पलाइन (181), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), डिजास्टर हेल्पलाइन (1070) और ट्रैफिक हेल्पलाइन जैसी विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित किया गया है। हाल ही में निजी टैक्सी सेवा ओला, उबर, रैपिडो और भारत टैक्सी एप में भी 112 पैनिक बटन इंटीग्रेट किया गया है। जिससे इन सेवा का लाभ लेने वाले यात्रियों को आपात स्थिति में मदद पाने में आसानी होगी।

नए वाहनों में जरूरी आधुनिक सुविधाएं

नए जनरक्षक पीसीआर वाहनों में चौबीस घंटे संचालन के लिए एसी के साथ सेफ्टी ग्रिल और प्रोटेक्टिव स्ट्रक्चर है। इनमें मोबाइल डेटा टर्मिनल, जीपीएस व्हीकल ट्रैकिंग, इमरजेंसी लाइट बार विद सायरन, पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड किट और सर्च लाइट टॉर्च जैसी सुविधाएं हैं। पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए वाहनों में बॉडी-वॉर्न कैमरा, हेलमेट, प्रोटेक्टिव गियर और डैश कैम भी उपलब्ध होंगे।

एक वाहन पर चार पुलिसकर्मी तैनात

हर जनरक्षक वाहन पर 24 घंटे ड्यूटी के लिए एक एएसआइ या हेड कांस्टेबल, 2 कांस्टेबल और एक ड्राइवर तैनात रहेगा। इससे आपात स्थिति में पुलिस की तत्काल पहुंच और प्रभावी कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *