गिरिडीह में साल जंगल में पहुंचा हाथियों का झुंड:ड्रोन से निगरानी तेज, वन विभाग अलर्ट, हाथी कई प्रखंडों में पहले भी मचा चुके हैं तबाही

गिरिडीह में साल जंगल में पहुंचा हाथियों का झुंड:ड्रोन से निगरानी तेज, वन विभाग अलर्ट, हाथी कई प्रखंडों में पहले भी मचा चुके हैं तबाही

गिरिडीह सदर प्रखंड के मिर्जाडीह और बजटो के बीच बराकर नदी किनारे साल के जंगल में हाथियों का झुंड देखा गया है। हाथियों की मौजूदगी की खबर मिलते ही वन विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों और उनके आने-जाने पर लगातार नजर रख रही है। वन प्रमंडल की टीम ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रही हाथियों की सही जगह और उनकी हरकतों का पता लगाने के लिए गिरिडीह पूर्वी वन प्रमंडल की टीम ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रही है। ड्रोन से जंगल और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है। इससे हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने पर ग्रामीणों को समय पर अलर्ट किया जा सकेगा। बता दें कि इससे पहले गिरिडीह जिले के डुमरी, बगोदर, बिरनी, सरिया, तिसरी और गांवा समेत कई प्रखंडों में हाथियों के झुंड ने काफी नुकसान पहुंचाया था। हाथियों ने कई घरों और चारदीवारियों को तोड़ दिया था। अनाज को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया साथ ही खेतों में लगी फसलें भी बर्बाद कर दी थीं। कई जगहों पर घरों में रखे अनाज को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया था। हाथियों के हमले में लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। बगोदर प्रखंड में हाथियों का असर सबसे ज्यादा रहा। यहां करीब 15 से 16 दिनों तक हाथियों की हरकतों से ग्रामीण परेशान रहे। हाथियों के लगातार गांवों में आने और नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के कारण ग्रामीणों में अभी भी डर का माहौल है। लोगों को डर है कि हाथियों का झुंड कब जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में आ जाए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथियों का झुंड दिनभर जंगल में रहता है। शाम होते ही वे खाने की तलाश में गांवों की ओर बढ़ने लगते हैं। ऐसे में रास्ते में आने वाले खेत, घर और दूसरी चीजों को नुकसान पहुंचने का डर बना रहता है। गिरिडीह सदर प्रखंड के मिर्जाडीह और बजटो के बीच बराकर नदी किनारे साल के जंगल में हाथियों का झुंड देखा गया है। हाथियों की मौजूदगी की खबर मिलते ही वन विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों और उनके आने-जाने पर लगातार नजर रख रही है। वन प्रमंडल की टीम ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रही हाथियों की सही जगह और उनकी हरकतों का पता लगाने के लिए गिरिडीह पूर्वी वन प्रमंडल की टीम ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रही है। ड्रोन से जंगल और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है। इससे हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने पर ग्रामीणों को समय पर अलर्ट किया जा सकेगा। बता दें कि इससे पहले गिरिडीह जिले के डुमरी, बगोदर, बिरनी, सरिया, तिसरी और गांवा समेत कई प्रखंडों में हाथियों के झुंड ने काफी नुकसान पहुंचाया था। हाथियों ने कई घरों और चारदीवारियों को तोड़ दिया था। अनाज को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया साथ ही खेतों में लगी फसलें भी बर्बाद कर दी थीं। कई जगहों पर घरों में रखे अनाज को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया था। हाथियों के हमले में लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। बगोदर प्रखंड में हाथियों का असर सबसे ज्यादा रहा। यहां करीब 15 से 16 दिनों तक हाथियों की हरकतों से ग्रामीण परेशान रहे। हाथियों के लगातार गांवों में आने और नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के कारण ग्रामीणों में अभी भी डर का माहौल है। लोगों को डर है कि हाथियों का झुंड कब जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में आ जाए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथियों का झुंड दिनभर जंगल में रहता है। शाम होते ही वे खाने की तलाश में गांवों की ओर बढ़ने लगते हैं। ऐसे में रास्ते में आने वाले खेत, घर और दूसरी चीजों को नुकसान पहुंचने का डर बना रहता है।  

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