गिद्धौर महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या में गायिका हर्षप्रीत कौर ने अपनी आवाज से दर्शकों का मन मोह लिया। ‘वॉइस ऑफ पंजाब’ की फाइनलिस्ट हर्षप्रीत कौर ने पंजाबी, बॉलीवुड और पारंपरिक लोकगीतों का बेहतरीन मेल पेश किया। हर्षप्रीत कौर ने अपनी प्रस्तुति में ‘ऐ गिरी नंदिनी’ और जिला प्रशासन के अनुरोध पर ‘लोग लाची’ जैसे गीत गाए। उन्होंने ‘रात बाकी बात बाकी’ और ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ जैसे लोकप्रिय गाने भी सुनाए। ‘माही वे’, ‘बुल्लेया’ और ‘रश्क-ए-कमर’ के मैशअप ने संगीत प्रेमियों को खूब पसंद आया। पंजाबी गीतों में ‘सावन में लग गई आग’, ‘तारे गिन गिन’, ‘रमता जोगी’ और ‘ओए होए नी कुड़ियां शहर दियां’ खास रहे। कार्यक्रम में भोजपुरी गीतों ने भी दर्शकों को खूब झुमाया। गिद्धौर महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या में गायिका हर्षप्रीत कौर ने अपनी आवाज से दर्शकों का मन मोह लिया। ‘वॉइस ऑफ पंजाब’ की फाइनलिस्ट हर्षप्रीत कौर ने पंजाबी, बॉलीवुड और पारंपरिक लोकगीतों का बेहतरीन मेल पेश किया। हर्षप्रीत कौर ने अपनी प्रस्तुति में ‘ऐ गिरी नंदिनी’ और जिला प्रशासन के अनुरोध पर ‘लोग लाची’ जैसे गीत गाए। उन्होंने ‘रात बाकी बात बाकी’ और ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ जैसे लोकप्रिय गाने भी सुनाए। ‘माही वे’, ‘बुल्लेया’ और ‘रश्क-ए-कमर’ के मैशअप ने संगीत प्रेमियों को खूब पसंद आया। पंजाबी गीतों में ‘सावन में लग गई आग’, ‘तारे गिन गिन’, ‘रमता जोगी’ और ‘ओए होए नी कुड़ियां शहर दियां’ खास रहे। कार्यक्रम में भोजपुरी गीतों ने भी दर्शकों को खूब झुमाया।

