गलता धाम में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा,कांवड़ियों पर बरसाए फूल:20-25 मिनट तक चार चक्कर लगाकर हुई फूलों की बारिश; जयकारों से गूंज उठा गलता तीर्थ

गलता धाम में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा,कांवड़ियों पर बरसाए फूल:20-25 मिनट तक चार चक्कर लगाकर हुई फूलों की बारिश; जयकारों से गूंज उठा गलता तीर्थ

जयपुर में गालव ऋषि की तपोस्थली गलता तीर्थ धाम में श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई गई। आसमान से बरसते फूलों के बीच श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए तो गलता धाम भक्तिमय माहौल में डूब गया। साहस फाउंडेशन के अध्यक्ष सुनील चौधरी की ओर से रविवार को आयोजित इस विशेष आयोजन में हेलीकॉप्टर ने गलता धाम के ऊपर चार चक्कर लगाए। इस दौरान लगभग 20 से 25 मिनट तक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों पर आसमान से फूलों की बारिश की गई। जैसे ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा शुरू हुई, वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। आसमान से बरसे फूल तो गूंज उठा गलता धाम हेलीकॉप्टर के गलता धाम के ऊपर पहुंचते ही श्रद्धालुओं की नजरें आसमान की ओर टिक गईं। इसके बाद हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा शुरू हुई। आसमान से गिरते फूलों के बीच श्रद्धालु जयकारे लगाने लगे। कई श्रद्धालुओं ने इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। पुष्प वर्षा का वीडियो बनाने और इस अनूठे धार्मिक आयोजन को अपने कैमरे में रिकॉर्ड करने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। 20-25 मिनट तक चला पुष्प वर्षा का आयोजन आयोजन के दौरान हेलीकॉप्टर ने गलता धाम के ऊपर चार चक्कर लगाए। करीब 20 से 25 मिनट तक अलग-अलग दौर में पुष्प वर्षा की गई। इस दौरान गलता धाम में मौजूद श्रद्धालुओं और कांवड़ियों पर फूल बरसाए गए। श्रद्धालु फूलों को अपने ऊपर गिरते देखकर भाव-विभोर नजर आए। जयकारों से गूंजता रहा परिसर पुष्प वर्षा के दौरान गलता धाम में लगातार धार्मिक जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ जयकारे लगाए। आसमान से फूलों की बारिश और नीचे मौजूद श्रद्धालुओं का उत्साह इस आयोजन को खास बना रहा था। गलता धाम की धार्मिक पृष्ठभूमि और यहां मौजूद आस्था के माहौल के बीच हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। सनातन संस्कृति और धार्मिक विरासत का संदेश साहस फाउंडेशन के अध्यक्ष सुनील चौधरी ने कहा- गलता धाम धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यह गालव ऋषि की तपोस्थली के रूप में देशभर में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और राजस्थान की गौरवशाली आध्यात्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। धार्मिक स्थलों पर होने वाले ऐसे आयोजन श्रद्धालुओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।

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