लखीमपुर खीरी के मैगलगंज कोतवाली क्षेत्र के औरंगाबाद में बुधवार को बकरी चराने गई 12 वर्षीय रोशनी और उसकी 11 वर्षीय सहेली आंचल पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गईं। ग्रामीणों ने आंचल को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रोशनी को काफी देर बाद बाहर निकाला जा सका। पुलिस उसे मितौली सीएचसी ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू खनन के लिए जेसीबी से करीब 15 फीट गहरे गड्ढे खोदे गए थे, जिन्हें खनन के बाद खुला छोड़ दिया गया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की है। देखिए घटना से संबंधित तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा घटनाक्रम चीख सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण दोनों बच्चियों की चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और किसी तरह आंचल को गड्ढे से बाहर निकाल लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने रोशनी की तलाश शुरू की। कुछ देर की मशक्कत के बाद उसे भी बाहर निकाला गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने रोशनी को मितौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। खनन के बाद नहीं भरे गए गहरे गड्ढे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खेत में जेसीबी से करीब 15 फीट गहरी खुदाई कर बालू निकाली गई थी। खनन के बाद इन गड्ढों को दोबारा नहीं भरा गया। बारिश के बाद इनमें पानी भर गया, जिससे ये बेहद खतरनाक हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि खुले गड्ढों के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही किसी तरह का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। बच्चों और पशुओं के लिए बना था खतरा ग्रामीणों के मुताबिक, नदी किनारे बने इन गहरे गड्ढों के कारण पहले से ही बच्चों और पशुओं के लिए खतरा बना हुआ था। उनका कहना है कि यदि समय रहते गड्ढों को भर दिया जाता या सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो हादसा टाला जा सकता था। रोशनी की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। एएसपी बोले- जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति एएसपी पश्चिमी अमित कुमार राय ने बताया कि बच्ची के गड्ढे में डूबने के मामले में खेत मालिक को बुलाया गया है। उनके आने के बाद जानकारी की जाएगी कि खेत में खनन कौन करवा रहा था और किसकी अनुमति से खुदाई की गई थी। खनन वैध था या अवैध, यह भी जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

