खेल प्रमाण-पत्र पर मिली नौकरी समाप्त करने का आदेश रद्द:हाईकोर्ट ने CAT का फैसला पलटा, जैसलमेर के मजदूर को सेवा से किया बहाल

खेल प्रमाण-पत्र पर मिली नौकरी समाप्त करने का आदेश रद्द:हाईकोर्ट ने CAT का फैसला पलटा, जैसलमेर के मजदूर को सेवा से किया बहाल

राजस्थान हाईकोर्ट ने खेल कोटे के तहत नियुक्त जैसलमेर निवासी मजदूर की सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के फैसले को पलटते हुए शेणीदान को राहत दी। कोर्ट ने माना कि बिना विभागीय जांच के सेवा समाप्त करना नियमों के विपरीत था और समान योग्यता वाले अन्य कर्मचारियों की तुलना में याचिकाकर्ता के साथ भेदभाव हुआ। खेल प्रमाण पत्र के आधार पर मिली थी नौकरी जैसलमेर के रेवत सिंह की ढाणी, पोकरण रोड निवासी शेणीदान ने भर्ती विज्ञापन के तहत सामान्य श्रेणी के साथ खेल कोटे से भी आवेदन किया था। उन्होंने आवेदन के साथ राज्य स्तर पर प्रतियोगिता में भाग लेने का खेल प्रमाण पत्र लगाया था। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उनका चयन रक्षा मंत्रालय की 26 एम्युनिशन कंपनी में मजदूर पद पर हुआ था। बाद में सेवा पुस्तिका के सत्यापन के दौरान विभाग ने खेल कोटे के लिए राष्ट्रीय स्तर की भागीदारी जरूरी होने का हवाला दिया। 2015 में सेवा समाप्त कर दी थी विभाग ने शेणीदान को पात्रता पूरी नहीं करने का नोटिस दिया। इसके बाद 31 अगस्त 2015 को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। शेणीदान ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। मामले में पहले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने भी विभाग के पक्ष में फैसला दिया था, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। बिना जांच के कार्रवाई को कोर्ट ने माना गलत हाईकोर्ट ने पाया कि कारण बताओ नोटिस और सेवा समाप्ति के आदेश में अप्रत्यक्ष रूप से तथ्यों को छिपाने और गलत घोषणा करने जैसे आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आरोप कर्मचारी की छवि और प्रतिष्ठा पर गंभीर असर डालते हैं। इसलिए केवल साधारण सेवा समाप्ति की कार्रवाई नहीं की जा सकती थी। ऐसे आरोपों की जांच के लिए विभागीय जांच कराना जरूरी था, लेकिन इस मामले में ऐसी जांच नहीं की गई। दो अन्य कर्मचारियों का मामला भी सामने आया याचिकाकर्ता की ओर से आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के आधार पर कोर्ट को बताया गया कि समान स्तर के राज्य स्तरीय खेल प्रमाण पत्र वाले दो अन्य कर्मचारी भी विभाग में कार्यरत हैं। कोर्ट ने इस पहलू को भी महत्वपूर्ण माना। कोर्ट ने कहा कि जब समान प्रमाण पत्र वाले अन्य कर्मचारियों को सेवा में रखा गया है, तो केवल शेणीदान की सेवा समाप्त करना भेदभावपूर्ण है। विभाग और CAT का आदेश निरस्त हाईकोर्ट ने विभाग की सेवा समाप्ति और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के फैसले को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने विभाग को यह स्वतंत्रता दी कि यदि वह तथ्यों को छिपाने के आरोपों की जांच करना चाहता है तो नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि समान खेल प्रमाण पत्र वाले अन्य कर्मचारी अभी सेवा में हैं, तो शेणीदान के मामले पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए।

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