ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इजरायल की सुरक्षा के लिए उन्हें खतरे में डाल दिया। बाघेर ने दावा किया कि ईरान को पड़ोसी देशों से क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्थाओं और आर्थिक सहयोग को लेकर कई संदेश मिले हैं।
खाड़ी देशों के हितों की अमेरिका ने की अनदेखी
बाघेर ने लिखा कि अमेरिका ने इजरायल के हितों के लिए दबाव बनाने और अपने सहयोगी देशों के हितों की पूरी तरह अनदेखी करके उनके सुरक्षा हितों को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शांति और सुरक्षा तभी आ सकती है जब क्षेत्र के देश अपनी खुद की स्वतंत्र और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था विकसित करें। कई मीडिया रिपोर्टों में भी यह बात सामने आई है कि खाड़ी अरब देश वॉशिंगटन से नाराज हैं। उनका मानना है कि अमेरिका ने युद्ध की शुरुआत तो की, लेकिन उन्हें उसके असर से पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी।
सोमवार को मुनीर पहुंचेंगे तेहरान
इधर, फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर सोमवार को तेहरान का दौरा करेंगे। इस्माइल बघाई ने कहा कि इस दौरे का मकसद आपसी सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की ईमानदार कोशिशों को जारी रखना है।
मोहसिन रेजाई ने दी धमकी
इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई में शामिल होगा, उसे तेहरान अपना ‘दुश्मन’ मानेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की थी कि ईरान को सहारा देने वाले किसी भी देश के खिलाफ ‘अब तक का सबसे कड़ा आर्थिक अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने इसे ‘अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक लड़ाई और अलगाव’ बताया था।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव रेजाई ने शनिवार को सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान पहले ऐसे देशों से बातचीत करेगा और उनसे इस विवाद से दूर रहने की अपील करेगा, लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो तेहरान उनके हितों को निशाना बनाएगा। रेजाई ने चेतावनी दी कि यदि आसपास के देश अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होते हैं, तो ईरान ‘होर्मुज स्ट्रेट से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने देगा।
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर किया था हमला
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल और क्षेत्र के विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे थे।


BREAKING: Iran’s Parliament Speaker Mohammad Bagher Ghalibaf says Tehran has received messages from neighboring countries about “shaping new security arrangements and economic cooperation in the region.”
BREAKING