खरगोन जिले में हरी मिर्च के दाम गिरने से किसान परेशान हैं। लागत नहीं निकलने पर किसान तैयार फसल नष्ट कर रहे हैं। शनिवार को रोमचिचली गांव के किसान आतिक खान ने 40 क्विंटल हरी मिर्च खेत में ही नष्ट कर दी। उन्होंने फसल पर रोटावेटर चला दिया। आतिक खान ने 2 एकड़ में मिर्च लगाई थी। फसल तैयार होने पर करीब 40 क्विंटल मिर्च तुड़वाई। उन्होंने मिर्च की पैकिंग भी कराई थी। लेकिन बाजार में खरीदार नहीं मिले। व्यापारियों ने भी मिर्च नहीं खरीदी। इसके बाद किसान ने फसल नष्ट करने का फैसला लिया। किसान आतिक खान ने बताया कि मिर्च की तुड़ाई में करीब 6 रुपए प्रति किलो खर्च आया। पैकिंग और परिवहन का खर्च अलग था। बाजार में मिर्च का भाव करीब 12 रुपए किलो रह गया। इतने कम भाव में लागत निकालना मुश्किल है। किसान बोले- बेचने से खाद बनाना बेहतर उन्होंने कहा कि मिर्च बेचने से बेहतर उसे खेत में ही खाद बनाना है। उन्होंने 40 क्विंटल पैक की हुई मिर्च खेत में फैलाई। इसके बाद रोटावेटर चला दिया। उनका कहना है कि मिर्च सड़कर खाद बनेगी। इससे अगली फसल में खेत की उर्वरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिले में उत्पादन बढ़ा, भाव गिरे इस साल जिले में मिर्च का उत्पादन अच्छा हुआ है। इससे मंडियों में आवक बढ़ी है। किसानों के अनुसार, ज्यादा आवक के कारण भाव करीब 12 रुपए किलो तक पहुंच गया है। तुड़ाई, पैकिंग और परिवहन का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। खरगोन क्षेत्र में फसल नष्ट करने का यह दूसरा मामला बताया गया है। इससे पहले टांडा बरुड के किसान मोहन और प्रदीप कुमरावत भी 2-2 एकड़ की मिर्च फसल नष्ट कर चुके हैं।

