खगड़िया सदर अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान 40 वर्षीय बलराम चौधरी की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल में इंजेक्शन देने के बाद बलराम की हालत बिगड़ी और काफी देर तक डॉक्टर उन्हें देखने नहीं पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर देर शाम डीएम विक्रम विरकर सदर अस्पताल पहुंचे। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। बलराम चौधरी परबत्ता थाना क्षेत्र के डुमरिया बुजुर्ग गांव के रहने वाले थे। परिजनों के मुताबिक, उन्हें अचानक सीने में दर्द हुआ। इसके बाद वे उन्हें परबत्ता अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक इलाज के बाद सदर अस्पताल खगड़िया रेफर कर दिया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… इंजेक्शन देने के बाद बिगड़ी मरीज की हालत परिजनों का दावा है कि सदर अस्पताल पहुंचने के समय बलराम की हालत सामान्य थी। स्वास्थ्यकर्मियों ने इलाज शुरू किया और उन्हें इंजेक्शन दिया। इसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। डॉक्टर पहुंचे, तब तक बलराम की मौत हो चुकी थी। पत्नी ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप बलराम की पत्नी अनुपम कुमारी ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से उनके पति की मौत हुई। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज और देखरेख मिलती तो उनकी जान बच सकती थी। परिजन त्रिपुरारी कुमार ने भी इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने और डॉक्टर के देर से पहुंचने का आरोप लगाया। सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांचने को कहा है, ताकि यह पता चल सके कि इंजेक्शन कब दिया गया और डॉक्टर कितनी देर बाद मरीज को देखने पहुंचे। परिजनों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की है। डीएम पहुंचे अस्पताल, पोस्टमार्टम को भेजा शव घटना की जानकारी मिलने के बाद देर शाम जिलाधिकारी विक्रम विरकर सदर अस्पताल पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों के बीच गम और आक्रोश का माहौल रहा। चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया बलराम चौधरी अपने पीछे पत्नी अनुपम कुमारी, दो पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी जीविका समूह से जुड़ी हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर है। परिजनों के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले में जांच और कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। खगड़िया सदर अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान 40 वर्षीय बलराम चौधरी की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल में इंजेक्शन देने के बाद बलराम की हालत बिगड़ी और काफी देर तक डॉक्टर उन्हें देखने नहीं पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर देर शाम डीएम विक्रम विरकर सदर अस्पताल पहुंचे। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। बलराम चौधरी परबत्ता थाना क्षेत्र के डुमरिया बुजुर्ग गांव के रहने वाले थे। परिजनों के मुताबिक, उन्हें अचानक सीने में दर्द हुआ। इसके बाद वे उन्हें परबत्ता अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक इलाज के बाद सदर अस्पताल खगड़िया रेफर कर दिया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… इंजेक्शन देने के बाद बिगड़ी मरीज की हालत परिजनों का दावा है कि सदर अस्पताल पहुंचने के समय बलराम की हालत सामान्य थी। स्वास्थ्यकर्मियों ने इलाज शुरू किया और उन्हें इंजेक्शन दिया। इसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। डॉक्टर पहुंचे, तब तक बलराम की मौत हो चुकी थी। पत्नी ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप बलराम की पत्नी अनुपम कुमारी ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से उनके पति की मौत हुई। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज और देखरेख मिलती तो उनकी जान बच सकती थी। परिजन त्रिपुरारी कुमार ने भी इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने और डॉक्टर के देर से पहुंचने का आरोप लगाया। सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांचने को कहा है, ताकि यह पता चल सके कि इंजेक्शन कब दिया गया और डॉक्टर कितनी देर बाद मरीज को देखने पहुंचे। परिजनों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की है। डीएम पहुंचे अस्पताल, पोस्टमार्टम को भेजा शव घटना की जानकारी मिलने के बाद देर शाम जिलाधिकारी विक्रम विरकर सदर अस्पताल पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों के बीच गम और आक्रोश का माहौल रहा। चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया बलराम चौधरी अपने पीछे पत्नी अनुपम कुमारी, दो पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी जीविका समूह से जुड़ी हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर है। परिजनों के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले में जांच और कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

