खगड़िया में मछुआरों से मिले DM:मछली उत्पादन और आय बढ़ाने पर हुई बात; मछली बीज-बाजार व्यवस्था की मांग

खगड़िया में मछुआरों से मिले DM:मछली उत्पादन और आय बढ़ाने पर हुई बात; मछली बीज-बाजार व्यवस्था की मांग

खगड़िया में मछली उत्पादन बढ़ाने और मछुआरों की आय सुधारने को लेकर मंगलवार को डीएम विक्रम विरकर ने अलौली प्रखंड की फुलतौड़ा पंचायत में मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रतिनिधियों और मछुआरों से संवाद किया। इस दौरान मछुआरों की समस्याओं और जिले में मछली उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मछुआरों ने जलकर, मछली बीज और बाजार व्यवस्था का मुद्दा उठाया मछुआरों ने डीएम के सामने जलकरों के प्रबंधन, मछली बीज की उपलब्धता और उत्पादन बढ़ाने की मांग रखी। इसके अलावा बेहतर बाजार व्यवस्था, केज-पेन कल्चर और नाव-जाल उद्योग स्थापित करने की भी मांग की। डीएम ने मछुआरों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खगड़िया प्राकृतिक जल संसाधनों से समृद्ध है। इनका वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल कर मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ मछुआरों की आय में भी सुधार किया जा सकता है। पारंपरिक मत्स्य पालन के साथ आधुनिक तकनीक पर जोर डीएम ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य मछुआरा समुदाय की आजीविका को मजबूत करना है। इसके लिए पारंपरिक मत्स्य पालन के साथ केज कल्चर, पेन कल्चर और मूल्य संवर्धन पर काम किया जाएगा। उन्होंने मछुआरों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की। 40 से 50 मछुआरा सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला मत्स्य पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया, अंचलाधिकारी, बीडीओ अलौली, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी और मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में करीब 40 से 50 मछुआरा सदस्यों ने भाग लिया। खगड़िया में मछली उत्पादन बढ़ाने और मछुआरों की आय सुधारने को लेकर मंगलवार को डीएम विक्रम विरकर ने अलौली प्रखंड की फुलतौड़ा पंचायत में मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रतिनिधियों और मछुआरों से संवाद किया। इस दौरान मछुआरों की समस्याओं और जिले में मछली उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मछुआरों ने जलकर, मछली बीज और बाजार व्यवस्था का मुद्दा उठाया मछुआरों ने डीएम के सामने जलकरों के प्रबंधन, मछली बीज की उपलब्धता और उत्पादन बढ़ाने की मांग रखी। इसके अलावा बेहतर बाजार व्यवस्था, केज-पेन कल्चर और नाव-जाल उद्योग स्थापित करने की भी मांग की। डीएम ने मछुआरों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खगड़िया प्राकृतिक जल संसाधनों से समृद्ध है। इनका वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल कर मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ मछुआरों की आय में भी सुधार किया जा सकता है। पारंपरिक मत्स्य पालन के साथ आधुनिक तकनीक पर जोर डीएम ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य मछुआरा समुदाय की आजीविका को मजबूत करना है। इसके लिए पारंपरिक मत्स्य पालन के साथ केज कल्चर, पेन कल्चर और मूल्य संवर्धन पर काम किया जाएगा। उन्होंने मछुआरों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की। 40 से 50 मछुआरा सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला मत्स्य पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया, अंचलाधिकारी, बीडीओ अलौली, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी और मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में करीब 40 से 50 मछुआरा सदस्यों ने भाग लिया।  

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