कौन हैं नेहा पच्चीसिया, जिन्हें CM ने सस्पेंड किया:एयर होस्टेस की नौकरी छोड़ CSP बनीं, कभी शिवराज ने किया था सम्मानित; क्या है पूरी कहानी?

कौन हैं नेहा पच्चीसिया, जिन्हें CM ने सस्पेंड किया:एयर होस्टेस की नौकरी छोड़ CSP बनीं, कभी शिवराज ने किया था सम्मानित; क्या है पूरी कहानी?

एयर इंडिया की एयर होस्टेस से पुलिस अफसर बनीं नेहा पच्चीसिया आज FIR और सस्पेंशन के बाद चर्चा में हैं। MPPSC में 20वीं रैंक लाकर पुलिस सेवा में आईं और कटनी की CSP बनीं नेहा पर पहले ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली की शिकायत हुई, फिर हत्या के एक केस में लापरवाही और जमीन के सौदे में गड़बड़ी के आरोप सामने आए। अब खुद मुख्यमंत्री ने उन्हें सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं और जांच के लिए CSP ऑफिस भी सीज कर दिया गया है। आखिर नेहा पच्चीसिया कौन हैं और आखिर सीएम को क्यों दखल देना पड़ा, मामला सस्पेंशन तक कैसे पहुंचा; समझते हैं आज के मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में। सवाल 1: कौन हैं नेहा पच्चीसिया…एयर होस्टेस से लेडी सिंघम तक कैसा रहा सफर? जवाब- नेहा मूल रूप से राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं। सवाल 2: वसूली की शिकायत से जमीन के सौदे तक, नेहा के खिलाफ आरोपों की कड़ी कैसे जुड़ी? जवाब- नेहा के खिलाफ मामला एक ही आरोप से नहीं बना। पहले वसूली की शिकायत हुई, फिर पुलिस कार्रवाई हुई और उसके बाद हत्या केस में लापरवाही से जुड़ा विवाद जमीन के सौदे तक पहुंच गया। पहली कड़ी, 21 जुलाई की वसूली की शिकायत: कटनी के ट्रांसपोर्ट कारोबारी महेंद्र जैन ने 22 जुलाई को SP अभिनय विश्वकर्मा से लिखित शिकायत की। आरोप है कि 21 जुलाई की रात चेकिंग के नाम पर उनकी हाईवा गाड़ी रोककर CSP ने 30 हजार रुपए मांगे, मौके पर 25 हजार रुपए नकद लिए गए और बाकी 5 हजार अगले दिन ड्राइवर के जरिए देने की बात तय हुई। दूसरी कड़ी, तुरंत कार्रवाई: SP ने प्रारंभिक जांच के बाद CSP के चालक/आरक्षक केशव सिंह को तत्काल निलंबित किया और CSP के अधिकार क्षेत्र से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थाना हटाकर DSP शिवा पाठक को सौंप दिया। तीसरी कड़ी, हत्या केस में लापरवाही का आरोप: इसी बीच एक हत्या के मामले में तय 90 दिन की समय-सीमा में चालान पेश न होने से आरोपी रमेश लोधी को डिफॉल्ट बेल मिल गई, जिसे CSP की घोर लापरवाही माना जा रहा है। इसी आरोपी ने बाद में अदालत में परिवाद दायर कर आरोप लगाया कि केस में कथित राहत के बदले उसकी जमीन सस्ते में बिकवाई गई। चौथी कड़ी, जमीन का मामला: यही जमीन विवाद बाद में विजिलेंस शिकायत और फिर FIR तक पहुंचा। कटनी SP प्रशासन के मुताबिक वसूली और हत्या केस से जुड़ी दोनों जांच जबलपुर की एडिशनल SP अनु बेनीवाल को सौंपी गई थीं। सवाल 3: खरीदार कोई और, पैसे किसी और के; फिर पच्चीसिया का नाम क्यों आया? जवाब- यह पूरा मामला हत्या के नामजद आरोपी रमेश लोधी की कंहवारा स्थित जमीन से जुड़ा है। पुलिस को शक क्यों हुआ: जांच रिपोर्ट के मुताबिक खरीदार बताए गए मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते में रजिस्ट्री की तारीख पर पर्याप्त रकम थी ही नहीं। 11 जुलाई 2025 को उसके खाते में सिर्फ 3,036 रुपए का बैलेंस था। रजिस्ट्री वाले दिन ही उसके खाते में दो अलग-अलग जगहों से पैसा आया, 10 लाख रुपए ‘शाइन पार्टनर्स’ नाम की फर्म के खाते से, और 5 लाख रुपए क्षितिज राज बारापात्रे के निजी खाते से। पुलिस को क्या मिला: बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि ‘शाइन पार्टनर्स’ के खाते का असली मालिक भी क्षितिज राज बारापात्रे ही हैं, और दोनों खातों में एक ही PAN नंबर (ARKPB1251D) दर्ज है। यानी जमीन के लिए पूरी रकम एक ही व्यक्ति, क्षितिज राज बारापात्रे, ने दो खातों से भेजी, जबकि कागजों में खरीदार मारूफ अहमद हनफी को दिखाया गया। जांच रिपोर्ट में मारूफ को इस सौदे में फ्रंटमैन (कठपुतली खरीदार) बताया गया है। सवाल 4: CM को सस्पेंड करने का आदेश क्यों देना पड़ा? जवाब- यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव किसी अधिकारी पर सीधे, बिना देरी किए एक्शन ले रहे हों। सवाल 5: अब सस्पेंडेड सीएसपी का आगे क्या होगा? जवाब- अब तीन स्तर पर जांच एक साथ चलेगी। 1. दर्ज FIR के आधार पर आपराधिक जांच, जिसमें जमीन के दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन, केस डायरी और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल होगी।
2. विभागीय जांच, जो सरकारी सेवा नियमों के तहत उनके आचरण की समीक्षा करेगी।
3. गठित की जा रही SIT जांच, जो जमीन सौदे और वसूली, दोनों मामलों को जोड़कर देखेगी। सामान्य प्रक्रिया के तहत FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश करती है, जिसके आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई तय करती है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आपराधिक मुकदमे के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल नेहा पच्चीसिया सस्पेंड हैं, यानी वे सेवा में तो हैं लेकिन उन्हें कोई पदभार नहीं दिया गया है, अंतिम फैसला जांच पूरी होने के बाद ही होगा। मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर का ये एपिसोड भी पढ़ें… क्या करोड़ों में बिकते हैं अंडकोष? इसी के लिए मर्डर, 2 दिन बर्फ में रखा प्राइवेट-पार्ट; फिर तालाब में फेंका भोपाल में एक नाबालिग लड़के को पहले बहाने से बुलाया गया… फिर सुनसान जगह ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का दावा है कि इसके पीछे करोड़ों रुपए कमाने का लालच था। आरोपियों को यकीन था कि इंसानी अंडकोष (टेस्टिकल्स) बेचकर रातो-रात अमीर बना जा सकता है। हत्या के बाद कथित तौर पर अंग के खरीदार की तलाश भी की गई…पूरा एक्सप्लेनर पढ़ें

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