कोसी स्नातक चुनाव में वोट के लिए पहचान जरूरी:बांका में 10 वैकल्पिक दस्तावेजों को मिली मान्यता, इनसे भी कर सकेंगे मतदान

कोसी स्नातक चुनाव में वोट के लिए पहचान जरूरी:बांका में 10 वैकल्पिक दस्तावेजों को मिली मान्यता, इनसे भी कर सकेंगे मतदान

बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन 2026 में बांका में मतदान करने के लिए निर्वाचकों की व्यक्तिगत पहचान अनिवार्य होगी। पहचान स्थापित होने के बाद ही मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। निर्वाचन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए निर्वाचकों को निर्धारित पहचान पत्र साथ लेकर मतदान केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। निर्वाचन संबंधी निर्देशों के अनुसार, शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के भी निर्वाचक होते हैं। इसी आधार पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचकों को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। मतदाता फोटो पहचान पत्र के माध्यम से निर्वाचक अपनी व्यक्तिगत पहचान स्थापित कर मतदान में भाग ले सकते हैं। वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों की सूची जारी हालांकि, जिन निर्वाचकों को किसी कारणवश मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी नहीं किया गया है या जो मतदान के समय इसे प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं, उनके लिए आयोग ने वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों की सूची जारी की है। इन दस्तावेजों के आधार पर भी मतदाता अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं। वैकल्पिक पहचान पत्रों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा राज्य या केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र भी मान्य होंगे। सांसदों, विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक को शैक्षिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र भी प्रस्तुत किया जा सकता है। यूडीआईडी कार्ड भी वैकल्पिक दस्तावेजों में शामिल इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण पत्र तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड भी वैकल्पिक दस्तावेजों में शामिल हैं। निर्वाचकों को इन दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। संबंधित दस्तावेज से निर्वाचक की व्यक्तिगत पहचान स्थापित होना आवश्यक है। निर्वाचन आयोग के निर्देश का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन 2026 में बांका में मतदान करने के लिए निर्वाचकों की व्यक्तिगत पहचान अनिवार्य होगी। पहचान स्थापित होने के बाद ही मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। निर्वाचन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए निर्वाचकों को निर्धारित पहचान पत्र साथ लेकर मतदान केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। निर्वाचन संबंधी निर्देशों के अनुसार, शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के भी निर्वाचक होते हैं। इसी आधार पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचकों को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। मतदाता फोटो पहचान पत्र के माध्यम से निर्वाचक अपनी व्यक्तिगत पहचान स्थापित कर मतदान में भाग ले सकते हैं। वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों की सूची जारी हालांकि, जिन निर्वाचकों को किसी कारणवश मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी नहीं किया गया है या जो मतदान के समय इसे प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं, उनके लिए आयोग ने वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों की सूची जारी की है। इन दस्तावेजों के आधार पर भी मतदाता अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं। वैकल्पिक पहचान पत्रों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा राज्य या केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र भी मान्य होंगे। सांसदों, विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक को शैक्षिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र भी प्रस्तुत किया जा सकता है। यूडीआईडी कार्ड भी वैकल्पिक दस्तावेजों में शामिल इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण पत्र तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड भी वैकल्पिक दस्तावेजों में शामिल हैं। निर्वाचकों को इन दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। संबंधित दस्तावेज से निर्वाचक की व्यक्तिगत पहचान स्थापित होना आवश्यक है। निर्वाचन आयोग के निर्देश का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।  

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