नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी उफान पर है। शनिवार सुबह 7 बजे कोसी बराज से इस साल का सर्वाधिक 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भारी डिस्चार्ज से पूर्वी और पश्चिमी तटबंधों के भीतर और दियारा क्षेत्र में बाढ़ का संकट बढ़ गया है। प्रशासन ने तटबंधों पर हाई अलर्ट जारी किया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे कैंप कर रहे हैं। कटाव रोकने के लिए बालू की बोरियां और बोल्डर लगाए गए हैं। नवहट्टा, सलखुआ, महिषी और सिमरी बख्तियारपुर के गांवों में फैला पानी कोसी का पानी नवहट्टा, सलखुआ, महिषी और सिमरी बख्तियारपुर के दियारा गांवों में फैलने लगा है। निचले इलाकों में पानी घुसने से ग्रामीणों में दहशत है। कई परिवार मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने पूर्वी कोसी तटबंध का जायजा लिया और सुरक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कम्युनिटी किचन और बाढ़ आश्रय स्थलों को चिह्नित कर वहां जरूरी व्यवस्था की जा चुकी है। दियारा से लोगों को निकालने के लिए सरकारी नावें शुरू संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। अंचल और प्रखंड प्रशासन की ओर से दियारा क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी खाद्य सामग्री व स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकारी नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। तटबंध के किनारे और सुरक्षित सरकारी भवनों में जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई शुरू करने की तैयारी की गई है। चिकित्सा दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जलजनित बीमारियों से निपटा जा सके। बालू की बोरियां और बोल्डर लगाकर कटाव रोकने की तैयारी जल संसाधन विभाग के अधिकारी संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए बालू की बोरियां और बोल्डर लगाए गए हैं। प्रशासन ने तटबंध के भीतर बसे लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। सुबह 8 बजे के बाद जलस्तर में मामूली गिरावट शनिवार सुबह 7 बजे कोसी बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। हालांकि, सुबह 8 बजे के बाद जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी उफान पर है। शनिवार सुबह 7 बजे कोसी बराज से इस साल का सर्वाधिक 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भारी डिस्चार्ज से पूर्वी और पश्चिमी तटबंधों के भीतर और दियारा क्षेत्र में बाढ़ का संकट बढ़ गया है। प्रशासन ने तटबंधों पर हाई अलर्ट जारी किया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे कैंप कर रहे हैं। कटाव रोकने के लिए बालू की बोरियां और बोल्डर लगाए गए हैं। नवहट्टा, सलखुआ, महिषी और सिमरी बख्तियारपुर के गांवों में फैला पानी कोसी का पानी नवहट्टा, सलखुआ, महिषी और सिमरी बख्तियारपुर के दियारा गांवों में फैलने लगा है। निचले इलाकों में पानी घुसने से ग्रामीणों में दहशत है। कई परिवार मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने पूर्वी कोसी तटबंध का जायजा लिया और सुरक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कम्युनिटी किचन और बाढ़ आश्रय स्थलों को चिह्नित कर वहां जरूरी व्यवस्था की जा चुकी है। दियारा से लोगों को निकालने के लिए सरकारी नावें शुरू संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। अंचल और प्रखंड प्रशासन की ओर से दियारा क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी खाद्य सामग्री व स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकारी नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। तटबंध के किनारे और सुरक्षित सरकारी भवनों में जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई शुरू करने की तैयारी की गई है। चिकित्सा दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जलजनित बीमारियों से निपटा जा सके। बालू की बोरियां और बोल्डर लगाकर कटाव रोकने की तैयारी जल संसाधन विभाग के अधिकारी संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए बालू की बोरियां और बोल्डर लगाए गए हैं। प्रशासन ने तटबंध के भीतर बसे लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। सुबह 8 बजे के बाद जलस्तर में मामूली गिरावट शनिवार सुबह 7 बजे कोसी बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। हालांकि, सुबह 8 बजे के बाद जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

