कोटा एसीबी कोर्ट ने रिश्वत मांगने के 16 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बूंदी जिले के सुवासा पीएचसी के तत्कालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव मूंदड़ा को 3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। आरोपी डॉक्टर ने इंजेक्शन लिखने के बदले मेडिकल स्टोर संचालक से 1500 रुपए का कमीशन मांगा था। सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया- परिवादी जगदीश शर्मा ने मई 2010 एसीबी कोटा में शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि उसके चाचा रामलक्ष्मण का सुवासा गांव में मेडिकल स्टोर हैं ओर वो मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट के रूप में काम करता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुवासा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव ने रूपीथर इंजेक्शन एवं कॉन्ट्रिक्स इंजेक्शन लिखने के बदले चाचा से 1500 रुपए कमीशन के मांगे थे। 20 गवाहों के हुए बयान सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया- कमीशन नहीं देने पर इंजेक्शन नहीं लिखने की बात कही। जब चाचा ने पूछा- कितना कमीशन देना पड़ेगा तो उन्होंने प्रति रूपीथर इंजेक्शन के 10 रुपए व कॉन्ट्रिक्स इंजेक्शन के लिए 14 रुपए कमीशन देने को कहा। साथ ही कहा कि 48 रूपीथर व 50-60 कॉन्ट्रिक्स इंजेक्शन का हिसाब बाकी है। इस प्रकार करीब 1500 रुपए कमीशन मांगा था। शिकायत सत्यापन में कमीशन मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की। पीएचसी सुवासा के रजिस्ट्रेशन कक्षा से रजिस्टर जब्त किए। एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। 20 गवाहों के बयान करवाए।

