पूर्णिया के के.हाट थाना इलाके में एक चोर को कोचिंग के बाहर से साइकिल चुराते हुए पकड़ा गया। रविवार को रंगभूमि मैदान के पास यह घटना हुई। स्थानीय लोगों और छात्रों की सतर्कता से उसे रंगे हाथ पकड़ा गया। चोरी में नाकाम रहने पर चोर भागने लगा, लेकिन, गुस्साई भीड़ ने करीब एक किलोमीटर तक उसका पीछा किया। चोर शहर के प्रसिद्ध जेवीआर प्लाजा में छिप गया था। भीड़ ने घंटों तलाशी के बाद उसे एक दुकान के शटर के पीछे से ढूंढ निकाला। भीड़ ने तुरंत जेवीआर प्लाजा को चारों तरफ से घेर लिया ताकि चोर बाहर न निकल सके। भीड़ में शामिल छात्रों और स्थानीय युवाओं ने इमारत के एक-एक कोने और कमरों की बारीकी से तलाशी शुरू की। काफी मशक्कत के बाद चोर लोगों के हत्थे चढ़ गया। पकड़े जाने के बाद आक्रोशित भीड़ ने मौके पर ही चोर की जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद लोग उसे वापस खदेड़ते हुए रंगभूमि मैदान स्थित उसी कोचिंग परिसर में ले आए, जहां से उसने चोरी का प्रयास किया था। ये उसकी पहली चोरी थी।
पिटाई के डर से कबूल लिया चोरी करने आया था शुरुआत में पकड़े गए चोर ने चालाकी दिखाते हुए खुद को बेगुनाह बताया। उसका दावा था कि वह सिर्फ सड़क पर गिरी हुई साइकिल को उठा रहा था। जब स्थानीय लोगों और कोचिंग संचालकों ने पुलिस के हवाले करने और सख्त पिटाई का डर दिखाया, तब उसने सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि वह साइकिल चोरी करने की नीयत से आया था।
पूर्व में हुई चोरियों का खुलासा करने की कोशिश कोचिंग परिसर के बाहर लगातार हो रही साइकिल चोरियों से छात्र लंबे समय से परेशान थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर उन सभी छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिनकी साइकिलें पिछले कुछ दिनों में कोचिंग पढ़ने के दौरान गायब हुई थीं। घटनाक्रम के दौरान डायल 112 की पुलिस टीम सूचना मिलते ही सबसे पहले जेवीआर प्लाजा पहुंची। हालांकि, तब तक भीड़ चोर को लेकर वापस रंगभूमि मैदान की ओर जा चुकी थी। पुलिस टीम ने प्लाजा के पास मौजूद लोगों से पूछताछ की और स्थिति का जायजा लेने के बाद रंगभूमि मैदान की ओर रवाना हो गई। पूर्णिया के के.हाट थाना इलाके में एक चोर को कोचिंग के बाहर से साइकिल चुराते हुए पकड़ा गया। रविवार को रंगभूमि मैदान के पास यह घटना हुई। स्थानीय लोगों और छात्रों की सतर्कता से उसे रंगे हाथ पकड़ा गया। चोरी में नाकाम रहने पर चोर भागने लगा, लेकिन, गुस्साई भीड़ ने करीब एक किलोमीटर तक उसका पीछा किया। चोर शहर के प्रसिद्ध जेवीआर प्लाजा में छिप गया था। भीड़ ने घंटों तलाशी के बाद उसे एक दुकान के शटर के पीछे से ढूंढ निकाला। भीड़ ने तुरंत जेवीआर प्लाजा को चारों तरफ से घेर लिया ताकि चोर बाहर न निकल सके। भीड़ में शामिल छात्रों और स्थानीय युवाओं ने इमारत के एक-एक कोने और कमरों की बारीकी से तलाशी शुरू की। काफी मशक्कत के बाद चोर लोगों के हत्थे चढ़ गया। पकड़े जाने के बाद आक्रोशित भीड़ ने मौके पर ही चोर की जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद लोग उसे वापस खदेड़ते हुए रंगभूमि मैदान स्थित उसी कोचिंग परिसर में ले आए, जहां से उसने चोरी का प्रयास किया था। ये उसकी पहली चोरी थी।
पिटाई के डर से कबूल लिया चोरी करने आया था शुरुआत में पकड़े गए चोर ने चालाकी दिखाते हुए खुद को बेगुनाह बताया। उसका दावा था कि वह सिर्फ सड़क पर गिरी हुई साइकिल को उठा रहा था। जब स्थानीय लोगों और कोचिंग संचालकों ने पुलिस के हवाले करने और सख्त पिटाई का डर दिखाया, तब उसने सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि वह साइकिल चोरी करने की नीयत से आया था।
पूर्व में हुई चोरियों का खुलासा करने की कोशिश कोचिंग परिसर के बाहर लगातार हो रही साइकिल चोरियों से छात्र लंबे समय से परेशान थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर उन सभी छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिनकी साइकिलें पिछले कुछ दिनों में कोचिंग पढ़ने के दौरान गायब हुई थीं। घटनाक्रम के दौरान डायल 112 की पुलिस टीम सूचना मिलते ही सबसे पहले जेवीआर प्लाजा पहुंची। हालांकि, तब तक भीड़ चोर को लेकर वापस रंगभूमि मैदान की ओर जा चुकी थी। पुलिस टीम ने प्लाजा के पास मौजूद लोगों से पूछताछ की और स्थिति का जायजा लेने के बाद रंगभूमि मैदान की ओर रवाना हो गई।

