‘कॉकरोच को चप्पल से ही मारेंगे ना, चुम्मी तो नहीं लेंगे’, अभिजीत दीपके पर कंगना रनौत के बयान पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

‘कॉकरोच को चप्पल से ही मारेंगे ना, चुम्मी तो नहीं लेंगे’, अभिजीत दीपके पर कंगना रनौत के बयान पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

Kangana Ranaut On CJP Abhijeet Dipke: अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अभिजीत दीपके और कथित तौर पर खुद को ‘कॉकरोच’ कहने वाले लोगों पर टिप्पणी करते हुए ऐसा उदाहरण दिया, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कंगना ने अपने बयान में कॉकरोच और तितली का उदाहरण देते हुए बताया कि इंसान दोनों को अलग नजरिए से देखता है।

कॉकरोच को लेकर कंगना ने कही ये बात

कंगना ने सुधीर चौधरी से बात करते हुए अपने बयान में कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कॉकरोच दिखाई देता है तो वो उसे हाथ में उठाने के बजाय चप्पल से मारने की कोशिश करेगा। वहीं तितली को देखकर इंसान उसे हाथ पर बैठाने या उसके साथ तस्वीर लेने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘कॉकरोच को चप्पल से ही मारेंगे ना, चुम्मी तो नहीं लेंगे।’

इसी तुलना के जरिए कंगना ने ये समझाने की कोशिश की कि किसी व्यक्ति के प्रति समाज का नजरिया उसकी छवि और व्यवहार के आधार पर बदल सकता है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई और कई लोगों ने उनके शब्दों को लेकर प्रतिक्रिया दी।

‘गटर जनरेशन’ वाले बयान पर भी सफाई

कंगना का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनका पहले दिया गया ‘गटर जनरेशन’ वाला कमेंट भी विवादों में रहा था। कुछ समय पहले उन्होंने Gen Z और युवाओं के एक वर्ग को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कुछ लोगों के व्यवहार और सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली सामग्री को लेकर नाराजगी जताई थी।

उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था। कई यूजर्स ने सवाल उठाया था कि क्या उनकी टिप्पणी पूरी युवा पीढ़ी को लेकर थी।

कंगना बोलीं- सभी युवाओं की बात नहीं की

बाद में कंगना ने अपने बयान का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि उनका निशाना पूरी युवा पीढ़ी नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी कुछ खास लोगों और एक विशेष वर्ग के संदर्भ में थी।

कंगना ने यह भी समझाने की कोशिश की कि यदि युवाओं के किसी वर्ग में नशे, जुए, सट्टेबाजी या डार्क वेब जैसी चीजों को लेकर चर्चा होती है तो उसका अर्थ यह नहीं है कि पूरी पीढ़ी को उसी नजर से देखा जा रहा है।

‘खुद को कॉकरोच कहते हैं तो…’

कंगना ने अपने पुराने बयान को समझाते हुए कहा कि जिन लोगों ने खुद के लिए कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किया, उनके संदर्भ में ही उन्होंने गटर वाली बात कही थी। उनका तर्क था कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को किसी खास शब्द से संबोधित करता है तो उसी संदर्भ में उस शब्द से जुड़ी उपमा दिए जाने पर उसे आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को कॉकरोच नहीं मानतीं और इसलिए अगर उनके लिए कोई ऐसा शब्द इस्तेमाल करे तो वह उसका विरोध करेंगी।

बयान पर सोशल मीडिया में बहस

कंगना के ताजा बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके बेबाक अंदाज का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स उनके उदाहरण को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अभिजीत दीपके से जुड़े संदर्भ और ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है।

कंगना रनौत इससे पहले भी युवाओं, सोशल मीडिया और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं। उनके बयान अक्सर राजनीतिक और मनोरंजन जगत दोनों में चर्चा का विषय बन जाते हैं।

फिल्मी करियर को लेकर भी चर्चा में हैं कंगना

वर्कफ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत हाल ही में ‘भारत भाग्य विधाता’ में नजर आई थीं। फिल्म का निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है और इसकी कहानी 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मरीजों की जान बचाने वाले कामा अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ से प्रेरित बताई गई है। फिलहाल कंगना का ‘कॉकरोच’ वाला बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है और इस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।

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