कैमूर जिले की सभी 146 ग्राम पंचायतों में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना’ के तहत सर्वसुविधायुक्त विवाह मंडप बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए महंगे निजी मैरिज हॉल या धर्मशालाओं पर निर्भरता से मुक्ति दिलाना है। यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। हर विवाह मंडप पर खर्च होंगे 50 लाख रुपये पंचायती राज विभाग ने इस योजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर राशि जारी कर दी है। प्रत्येक विवाह मंडप के निर्माण पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च होंगे। जिला पंचायत राज कार्यालय से पंचायतों को राशि मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। पहले चरण में 15 पंचायतों का चयन प्रथम चरण में जिले के सात प्रखंडों की 15 पंचायतों में भूमि का चयन कर प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इनमें अधौरा प्रखंड की दीघर और सड़की, भगवानपुर प्रखंड का कसेर, दुर्गावती प्रखंड की जेवरी और खड़सरा तथा कुदरा प्रखंड की बहेरा, डेरवा और पंचपोखरी पंचायत शामिल हैं। मोहनिया से रामगढ़ तक इन पंचायतों में निर्माण इसके अलावा मोहनिया प्रखंड की अकोढ़ी मेला, बमहौरखास और भरखर, नुआंव प्रखंड की चंडेश और दुमदुमा तथा रामगढ़ प्रखंड की अकोढ़ी और देवहलिया पंचायतों में भी विवाह मंडप बनाए जाएंगे। आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस इन विवाह भवनों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग आधुनिक शौचालय, सुसज्जित रसोई घर, शुद्ध पेयजल और निर्बाध बिजली की व्यवस्था उपलब्ध होगी। इससे ग्रामीण परिवारों को विवाह समारोह के लिए बेहतर और सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा। शादी के अलावा सामाजिक आयोजनों में भी होगा उपयोग विवाह समारोहों के अतिरिक्त इन भवनों का उपयोग अन्य सामाजिक आयोजनों और महिला स्वयं सहायता समूहों की बैठकों के लिए भी किया जा सकेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज कुमार पवन ने बताया कि शेष पंचायतों में भी भूमि चयन की प्रक्रिया तेजी से जारी है। कैमूर जिले की सभी 146 ग्राम पंचायतों में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना’ के तहत सर्वसुविधायुक्त विवाह मंडप बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए महंगे निजी मैरिज हॉल या धर्मशालाओं पर निर्भरता से मुक्ति दिलाना है। यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। हर विवाह मंडप पर खर्च होंगे 50 लाख रुपये पंचायती राज विभाग ने इस योजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर राशि जारी कर दी है। प्रत्येक विवाह मंडप के निर्माण पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च होंगे। जिला पंचायत राज कार्यालय से पंचायतों को राशि मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। पहले चरण में 15 पंचायतों का चयन प्रथम चरण में जिले के सात प्रखंडों की 15 पंचायतों में भूमि का चयन कर प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इनमें अधौरा प्रखंड की दीघर और सड़की, भगवानपुर प्रखंड का कसेर, दुर्गावती प्रखंड की जेवरी और खड़सरा तथा कुदरा प्रखंड की बहेरा, डेरवा और पंचपोखरी पंचायत शामिल हैं। मोहनिया से रामगढ़ तक इन पंचायतों में निर्माण इसके अलावा मोहनिया प्रखंड की अकोढ़ी मेला, बमहौरखास और भरखर, नुआंव प्रखंड की चंडेश और दुमदुमा तथा रामगढ़ प्रखंड की अकोढ़ी और देवहलिया पंचायतों में भी विवाह मंडप बनाए जाएंगे। आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस इन विवाह भवनों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग आधुनिक शौचालय, सुसज्जित रसोई घर, शुद्ध पेयजल और निर्बाध बिजली की व्यवस्था उपलब्ध होगी। इससे ग्रामीण परिवारों को विवाह समारोह के लिए बेहतर और सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा। शादी के अलावा सामाजिक आयोजनों में भी होगा उपयोग विवाह समारोहों के अतिरिक्त इन भवनों का उपयोग अन्य सामाजिक आयोजनों और महिला स्वयं सहायता समूहों की बैठकों के लिए भी किया जा सकेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज कुमार पवन ने बताया कि शेष पंचायतों में भी भूमि चयन की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

