भभुआ में वन्यप्राणी सप्ताह-2026 के मौके पर कैमूर वन प्रमंडल की ओर से मां मुंडेश्वरी वन्यप्राणी ईको पार्क में मॉडल और रंगोली प्रतियोगिता कराई गई। इसका मकसद विद्यार्थियों को पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। प्रतियोगिता में उत्क्रमित मध्य विद्यालय कूड़वा, राजकीयकृत उच्च विद्यालय रामगढ़, राजकीयकृत उच्च विद्यालय सरैया और उच्च विद्यालय पहाड़िया के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। मॉडल प्रतियोगिता में 23 छात्रों ने जैव-विविधता, प्राकृतिक आवास और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व जैसे विषयों पर मॉडल बनाए। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता में 48 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। रंगोलियों के जरिए छात्रों ने ‘वन्यजीव बचाएं, प्रकृति बचाएं’ का संदेश दिया। छात्रों को समझाया प्राकृतिक संसाधनों का महत्व वन अधिकारियों ने छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों और जैव-विविधता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों से प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। भभुआ के वन प्रमंडल पदाधिकारी ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ती है। इससे नई पीढ़ी प्रकृति के प्रति ज्यादा जिम्मेदार बनेगी। रंगोली प्रतियोगिता से जुड़ी कुछ और तस्वीरें देखें… भभुआ में वन्यप्राणी सप्ताह-2026 के मौके पर कैमूर वन प्रमंडल की ओर से मां मुंडेश्वरी वन्यप्राणी ईको पार्क में मॉडल और रंगोली प्रतियोगिता कराई गई। इसका मकसद विद्यार्थियों को पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। प्रतियोगिता में उत्क्रमित मध्य विद्यालय कूड़वा, राजकीयकृत उच्च विद्यालय रामगढ़, राजकीयकृत उच्च विद्यालय सरैया और उच्च विद्यालय पहाड़िया के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। मॉडल प्रतियोगिता में 23 छात्रों ने जैव-विविधता, प्राकृतिक आवास और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व जैसे विषयों पर मॉडल बनाए। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता में 48 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। रंगोलियों के जरिए छात्रों ने ‘वन्यजीव बचाएं, प्रकृति बचाएं’ का संदेश दिया। छात्रों को समझाया प्राकृतिक संसाधनों का महत्व वन अधिकारियों ने छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों और जैव-विविधता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों से प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। भभुआ के वन प्रमंडल पदाधिकारी ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ती है। इससे नई पीढ़ी प्रकृति के प्रति ज्यादा जिम्मेदार बनेगी। रंगोली प्रतियोगिता से जुड़ी कुछ और तस्वीरें देखें…

