मुख्यमंत्री ने बिहार सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के अंतर्गत राज्य भर की एक लाख जीविका दीदियों को दूसरी किस्त की राशि हस्तांतरित की। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे डिजिटल माध्यम (DBT) से भेजी गई। इस अवसर पर कैमूर जिले की कुल 2,392 जीविका दीदियों को लाभान्वित किया गया। प्रत्येक लाभार्थी को 20-20 हजार रुपये की दर से कुल 4 करोड़ 78 लाख 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह दूसरी किस्त उन महिलाओं को दी गई है जिन्होंने पहली किस्त की राशि का सही उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित किया था। इसके लिए कड़ी भौतिक जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई। चार चरणों में वित्तीय सहायता दी जाएगी अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए चार चरणों में कुल दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। समाहरणालय स्थित एनआईसी (NIC) सभागार से जिला अधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका और योजना से लाभान्वित कई जीविका दीदियां वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम की गवाह बनीं। जिला प्रशासन ने सत्यापन से लेकर पारदर्शी तरीके से राशि पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने बिहार सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के अंतर्गत राज्य भर की एक लाख जीविका दीदियों को दूसरी किस्त की राशि हस्तांतरित की। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे डिजिटल माध्यम (DBT) से भेजी गई। इस अवसर पर कैमूर जिले की कुल 2,392 जीविका दीदियों को लाभान्वित किया गया। प्रत्येक लाभार्थी को 20-20 हजार रुपये की दर से कुल 4 करोड़ 78 लाख 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह दूसरी किस्त उन महिलाओं को दी गई है जिन्होंने पहली किस्त की राशि का सही उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित किया था। इसके लिए कड़ी भौतिक जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई। चार चरणों में वित्तीय सहायता दी जाएगी अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए चार चरणों में कुल दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। समाहरणालय स्थित एनआईसी (NIC) सभागार से जिला अधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका और योजना से लाभान्वित कई जीविका दीदियां वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम की गवाह बनीं। जिला प्रशासन ने सत्यापन से लेकर पारदर्शी तरीके से राशि पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

