राज्य की कृषक पाठशालाओं के लंबित कार्य अगले दो माह में पूरे करने होंगे। इसके बाद अवधि विस्तार नहीं मिलेगा। मंगलवार को कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज की अध्यक्षता में समेकित बिरसा ग्राम सह कृषक पाठशाला योजना की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया गया। बैठक में 11 जिलों के कृषि पदाधिकारी और क्रियान्वयन संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। कृषि निदेशक ने कृषक पाठशालाओं की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और भौतिक व वित्तीय प्रगति में समानता बनाए रखने का निर्देश दिया। दोनों में अधिक अंतर मिलने पर कार्रवाई होगी। संस्थाओं के बिल का भुगतान एक माह के भीतर करना होगा। सहकारिता सोसाइटी के तहत किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का निबंधन कराने और कृषि यंत्रों की सूची व किराया सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने को भी कहा गया। केंद्र सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत एक से 30 नवंबर तक प्रत्येक कृषक पाठशाला में प्रतिदिन कम से कम 100 स्थानीय किसानों को जैविक खाद और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ देंगे। पांच वर्ष पूरे होने पर निर्धारित मदों में खर्च की जांच के बाद ही पाठशालाएं एफपीओ को हस्तांतरित होंगी। नवंबर की समीक्षा बैठक में सभी पाठशालाओं के सचिवों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिला कृषि पदाधिकारी स्थलीय जांच कर तस्वीरों सहित रिपोर्ट देंगे।

