Sanjay Gaikwad Controversial Statement: महाराष्ट्र में शिवसेना (शिंदे गुट) के बुलढाणा से विधायक संजय गायकवाड़ किसानों को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान के कारण चर्चा में हैं। उनके बयान को लेकर पार्टी के भीतर भी नाराजगी सामने आई है। महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले इस बयान पर संजय गायकवाड़ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खबरों के मुताबिक, उन्हें पार्टी से निलंबित करने का फैसला लिया जा सकता है।
‘मृतदेह को जानवर खाएंगे, तब समझ आएगा’
दरअसल, संजय गायकवाड़ ने किसान आत्महत्याओं को लेकर बेहद विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, ‘जो किसान आत्महत्या करेगा, उसके अंतिम संस्कार में मत जाओ। जब उसके शव को जानवर खाएंगे, तब समझ आएगा।’ उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
गायकवाड़ इससे पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। हालांकि, इस बार मामला किसानों से जुड़ा होने के कारण पार्टी के भीतर भी नाराजगी बताई जा रही है। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के बीच शिवसेना किसानों की मदद के लिए अभियान चला रही है। ऐसे में विधायक के बयान से पार्टी को सफाई देनी पड़ रही है।
किसानों की मदद के लिए शिवसेना चला रही अभियान
पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि सूखा प्रभावित किसानों और उनके परिवारों की सहायता के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत किसान परिवारों की महिलाओं को 25 हजार सिलाई मशीनें और किसानों की बेटियों को 25 हजार साइकिलें बांटने की योजना है। इसके अलावा, दशहरा रैली के दौरान शिवसेना ने सूखा प्रभावित इलाकों के लिए 100 ट्रक खाद्यान्न भेजे थे। गुरुवार को भी 24 ट्रक अनाज रवाना किए गए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि किसानों की मदद के लिए किए जा रहे इन प्रयासों के बीच संजय गायकवाड़ के बयान से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है।
एकनाथ शिंदे ने कार्रवाई के दिए निर्देश?
रिपोर्ट के मुताबिक, एकनाथ शिंदे ने संजय गायकवाड़ के बयान पर नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने गायकवाड़ को पार्टी से निलंबित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक आदेश या विस्तृत बयान सामने आने की पुष्टि जरूरी है।
शिंदे की ओर से यह संदेश दिए जाने की बात कही जा रही है कि किसान अन्नदाता हैं और उनके खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संजय गायकवाड़ के खिलाफ पार्टी की ओर से औपचारिक रूप से क्या कार्रवाई की जाती है।

