किशनगंज शहर में नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे नर्सिंग होम को लेकर नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार शाम नगर परिषद सभागार में अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान की अध्यक्षता में नर्सिंग होम संचालकों के साथ विशेष बैठक हुई। इसमें शहर के दर्जनों नर्सिंग होम संचालक शामिल हुए। नगर परिषद ने सभी संचालकों को व्यवस्था में सुधार के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है। दो-चार कमरों में चल रहे नर्सिंग होम पर सवाल नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने कहा कि नर्सिंग होम संचालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शहर में कई जगह महज दो से चार कमरों में नर्सिंग होम संचालित किए जाने की जानकारी सामने आती रही है। ऐसे संस्थानों से आए दिन विवाद और हंगामे की शिकायतें भी मिलती हैं। 15 दिन बाद नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य संचालकों को नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुधारने का मौका देना है। सभी को 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद जांच में जो भी नर्सिंग होम नियमों के विपरीत संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। बायो मेडिकल कचरे के निस्तारण पर निर्देश नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी स्वरूपम राज ने नर्सिंग होम संचालकों को बायो मेडिकल कचरे का उचित तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कचरे का गलत तरीके से निपटारा होने पर स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ट्रेड लाइसेंस का भी होगा मिलान स्वच्छता पदाधिकारी ने बताया कि शहर में संचालित नर्सिंग होम में कितने संचालकों ने नगर परिषद से ट्रेड लाइसेंस लिया है, इसका रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद संचालकों में हड़कंप नगर परिषद की इस बैठक के बाद नियमों के विपरीत संचालित हो रहे नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। अब 15 दिन बाद नगर परिषद की जांच में कितने नर्सिंग होम कार्रवाई के दायरे में आते हैं, इस पर नजर रहेगी। किशनगंज शहर में नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे नर्सिंग होम को लेकर नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार शाम नगर परिषद सभागार में अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान की अध्यक्षता में नर्सिंग होम संचालकों के साथ विशेष बैठक हुई। इसमें शहर के दर्जनों नर्सिंग होम संचालक शामिल हुए। नगर परिषद ने सभी संचालकों को व्यवस्था में सुधार के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है। दो-चार कमरों में चल रहे नर्सिंग होम पर सवाल नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने कहा कि नर्सिंग होम संचालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शहर में कई जगह महज दो से चार कमरों में नर्सिंग होम संचालित किए जाने की जानकारी सामने आती रही है। ऐसे संस्थानों से आए दिन विवाद और हंगामे की शिकायतें भी मिलती हैं। 15 दिन बाद नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य संचालकों को नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुधारने का मौका देना है। सभी को 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद जांच में जो भी नर्सिंग होम नियमों के विपरीत संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। बायो मेडिकल कचरे के निस्तारण पर निर्देश नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी स्वरूपम राज ने नर्सिंग होम संचालकों को बायो मेडिकल कचरे का उचित तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कचरे का गलत तरीके से निपटारा होने पर स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ट्रेड लाइसेंस का भी होगा मिलान स्वच्छता पदाधिकारी ने बताया कि शहर में संचालित नर्सिंग होम में कितने संचालकों ने नगर परिषद से ट्रेड लाइसेंस लिया है, इसका रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद संचालकों में हड़कंप नगर परिषद की इस बैठक के बाद नियमों के विपरीत संचालित हो रहे नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। अब 15 दिन बाद नगर परिषद की जांच में कितने नर्सिंग होम कार्रवाई के दायरे में आते हैं, इस पर नजर रहेगी।

