किशनगंज के 14 गांवों के लोगों की गरिमामय अंतिम विदाई की मांग आखिरकार प्रशासन तक पहुंच गई है। डीएम नवीन कुमार को मांग पत्र सौंपे जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। डीएम के निर्देश पर मंगलवार शाम किशनगंज के एसडीएम अनिकेत कुमार ने बहादुरगंज प्रखंड की महेशबथना पंचायत में खाकवा नदी के नोदिया टोली-बैसा घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल-1 के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार, कनीय अभियंता बिपिन कुमार और स्थानीय जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम भी मौजूद थे। जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम ने सोमवार को डीएम कार्यालय में मिलकर एक मांग पत्र सौंपा था। उन्होंने बताया था कि पुल नहीं होने के कारण 14 गांवों के लोगों को बैसा कब्रिस्तान तक जाने के लिए अपने परिजनों के शवों को कंधे पर रखकर छाती भर पानी में नदी पार करनी पड़ती है। इस समस्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। 20 से 30 हजार की आबादी प्रभावित इस समस्या से बीरपुर, चकचकी, नोदियाटोली, झींगाकाटा इस्तमरार, झींगाकाटा तौफीर, झींगाकाटा लाट टोला, दक्षिण टोला, हाटटोला, दोगच्छी, दर्जीटोला, बैसा, धापरटोली, तेघड़िया खास, युनुस टोला और लौचा सहित 14 गांवों की 20 से 30 हजार आबादी प्रभावित है। यह घाट बहादुरगंज प्रखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर और एलआरपी चौक से 12 किलोमीटर दूर है। बैसा-झींगाकाटा कब्रिस्तान ही इन सभी गांवों के लोगों का अंतिम ठिकाना है, जहां उनके पूर्वज भी दफन हैं। प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश एसडीएम अनिकेत कुमार ने मौके पर स्थानीय लोगों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यपालक अभियंता को तुरंत प्रस्ताव तैयार कर सीनियर कार्यालय को भेजने और रिपोर्ट डीएम को सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया। जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम ने कहा, “यह सिर्फ पुल की मांग नहीं, बल्कि इंसान की गरिमामय अंतिम विदाई के अधिकार की मांग है। डीएम साहब ने हमारी बात गंभीरता से सुनी और तुरंत टीम भेजी, इसके लिए हम आभारी हैं।” कटाव वाली सड़क का भी किया निरीक्षण इसके अलावा, लौचा से महेशबथना जाने वाली कटाव वाली सड़क का भी निरीक्षण किया गया। एसडीएम ने कार्यपालक अभियंता को सड़क को तुरंत चलने लायक बनाने और सूखे में स्थायी रूप से ठीक करने का आदेश दिया, ताकि कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। किशनगंज के 14 गांवों के लोगों की गरिमामय अंतिम विदाई की मांग आखिरकार प्रशासन तक पहुंच गई है। डीएम नवीन कुमार को मांग पत्र सौंपे जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। डीएम के निर्देश पर मंगलवार शाम किशनगंज के एसडीएम अनिकेत कुमार ने बहादुरगंज प्रखंड की महेशबथना पंचायत में खाकवा नदी के नोदिया टोली-बैसा घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल-1 के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार, कनीय अभियंता बिपिन कुमार और स्थानीय जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम भी मौजूद थे। जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम ने सोमवार को डीएम कार्यालय में मिलकर एक मांग पत्र सौंपा था। उन्होंने बताया था कि पुल नहीं होने के कारण 14 गांवों के लोगों को बैसा कब्रिस्तान तक जाने के लिए अपने परिजनों के शवों को कंधे पर रखकर छाती भर पानी में नदी पार करनी पड़ती है। इस समस्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। 20 से 30 हजार की आबादी प्रभावित इस समस्या से बीरपुर, चकचकी, नोदियाटोली, झींगाकाटा इस्तमरार, झींगाकाटा तौफीर, झींगाकाटा लाट टोला, दक्षिण टोला, हाटटोला, दोगच्छी, दर्जीटोला, बैसा, धापरटोली, तेघड़िया खास, युनुस टोला और लौचा सहित 14 गांवों की 20 से 30 हजार आबादी प्रभावित है। यह घाट बहादुरगंज प्रखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर और एलआरपी चौक से 12 किलोमीटर दूर है। बैसा-झींगाकाटा कब्रिस्तान ही इन सभी गांवों के लोगों का अंतिम ठिकाना है, जहां उनके पूर्वज भी दफन हैं। प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश एसडीएम अनिकेत कुमार ने मौके पर स्थानीय लोगों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यपालक अभियंता को तुरंत प्रस्ताव तैयार कर सीनियर कार्यालय को भेजने और रिपोर्ट डीएम को सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया। जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम ने कहा, “यह सिर्फ पुल की मांग नहीं, बल्कि इंसान की गरिमामय अंतिम विदाई के अधिकार की मांग है। डीएम साहब ने हमारी बात गंभीरता से सुनी और तुरंत टीम भेजी, इसके लिए हम आभारी हैं।” कटाव वाली सड़क का भी किया निरीक्षण इसके अलावा, लौचा से महेशबथना जाने वाली कटाव वाली सड़क का भी निरीक्षण किया गया। एसडीएम ने कार्यपालक अभियंता को सड़क को तुरंत चलने लायक बनाने और सूखे में स्थायी रूप से ठीक करने का आदेश दिया, ताकि कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।

