कासगंज में हत्या के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी राजीव कुमार उर्फ राजू उर्फ राजूपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यह फैसला 25 अगस्त 2026 को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत सुनाया गया। मामला थाना सिढ़पुरा क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर देकर अपने पति की हत्या का आरोप राजीव कुमार पर लगाया था। शिकायत के आधार पर सिढ़पुरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 131/21 के तहत धारा 302 भादवि में केस दर्ज किया गया था। तत्कालीन थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने मामले की विवेचना की। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। हत्या के मामले के साथ ही आरोपी को मुकदमा अपराध संख्या 134/21 में धारा 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी ठहराया गया। अदालत ने इस मामले में 5 वर्ष का साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के पर्यवेक्षण में सिढ़पुरा पुलिस ने मामले की प्रभावी पैरवी की। सभी गवाहों को न्यायालय में पेश कर उनकी गवाही कराई गई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी संदीप मिश्र, कोर्ट मोहर्रिर हर्षित कुमार और पैरोकार हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार ने पैरवी की। पुलिस और अभियोजन की प्रभावी कार्रवाई के बाद एडीजे/एफटीसी-1 कासगंज की अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। पुलिस ने इस फैसले को हत्या जैसे गंभीर अपराधों में प्रभावी विवेचना और मजबूत अभियोजन का परिणाम बताया है।

