झालावाड़ अस्पताल में वार्ड बॉय और गार्ड्स को कार्यस्थल पर तनावमुक्ति और संवेदनशील व्यवहार का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें कर्मचारियों को तनाव के कारण, स्वास्थ्य पर उसके असर और उसे सही तरीके से संभालने के तरीके बताए गए।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि गुप्ता ने तनाव से निपटने के उपाय बताए। कार्यक्रम का मकसद कर्मचारियों को तनाव के लक्षण पहचानने और सकारात्मक माहौल बनाने के लिए प्रेरित करना था। अध्यक्षता डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. सुमित हाड़ा और डॉ. प्रतिभा मीणा ने की। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक शर्मा ने ‘क्षमा पेटी’ की अवधारणा समझाई। उन्होंने बताया कि यह एक मनोवैज्ञानिक और चिकित्सीय पहल है। यह गुस्सा, नाराजगी और कड़वाहट जैसी नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति दिलाकर मानसिक बोझ कम करने और शांति पाने में मदद करती है।
वार्ड बॉय और गार्ड्स को मरीजों व उनके परिजनों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार करने को कहा गया। डॉ. राशिद ने आत्महत्या रोकने के लिए गेटकीपर प्रशिक्षण भी दिया। इसमें संकटग्रस्त व्यक्ति को पहचानने और समय पर मदद देने के बारे में जागरूक किया गया।

