कानपुर के महाराजपुर के सूभौली गांव में शनिवार शाम खेत में पानी लगाने पहुंचे किसान पर पागल कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते ने किसान को दौड़ाकर खेत में गिरा दिया और पैर नोंचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। किसान की चीख सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे दूसरे किसान मौके पर पहुंचे। उन्होंने डंडे से कुत्ते को भगाया और किसान की जान बचाई। परिजन घायल को शाम करीब 6:30 बजे रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल लेकर पहुंचे। घटना के बाद गांव में आवारा और हिंसक कुत्तों को लेकर दहशत है। ग्रामीणों ने गांव और खेतों के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों पर रोक लगाने की मांग की है। खेत में पानी लगाने गए थे बाबू यादव सूभौली गांव निवासी बाबू यादव (45) ने बताया कि वह शनिवार शाम घर से करीब 200 मीटर दूर अपने खेत में पानी लगाने गए थे। खेत में काम करने के दौरान अचानक एक पागल कुत्ता उनकी तरफ दौड़ पड़ा। बचने की कोशिश में वह खेत में गिर गए। बाबू के खेत में गिरते ही कुत्ते ने उनके पैर पर हमला कर दिया और नोंचने लगा। अचानक हुए हमले से वह मदद के लिए चीखने लगे। आवाज सुनकर आसपास के किसान डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और कुत्ते को किसी तरह वहां से भगाया। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे किसानों ने घटना की जानकारी बाबू के परिजनों को दी। परिजन खेत पहुंचे और घायल बाबू को रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद परिजन उन्हें घर लेकर चले गए। शनिवार सुबह जाजमऊ के तिवारीपुर में दूध लेने निकले 42 वर्षीय सिलाई कारीगर पर भी आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। कुत्तों ने उन्हें गिराकर शरीर पर करीब एक दर्जन जगह काट लिया। बीती 14 सितंबर को 57 वर्षीय रामआसरे को भी पागल कुत्ते ने चेहरे पर काट लिया था। परिजनों के मुताबिक बाद में उनकी हालत बिगड़ गई और 29 सितंबर को उनकी मौत हो गई।

