मथुरा में कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों की स्कूल फीस माफी की गुहार लगाने वाले एक परिवार की मदद के लिए जिला प्रशासन आगे आया है। कोसीकलां क्षेत्र के भटैन गांव निवासी भरत के परिवार की आर्थिक परेशानी सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन तक पहुंची थी। जिलाधिकारी ने बुधवार दोपहर 3 बजे मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच और मदद के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी छाता और बेसिक शिक्षा अधिकारी की एक संयुक्त टीम ने भटैन गांव पहुंचकर परिवार की स्थिति का जायजा लिया। जांच में पता चला कि भरत पहले नौकरी करते थे, लेकिन वर्तमान में आर्थिक तंगी के कारण परचून की दुकान चला रहे हैं। उनकी पत्नी सिलाई का काम करके परिवार की आय में सहयोग करती हैं। भरत के चार बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी नगरपालिका इंटर कॉलेज में पढ़ती है, जहां कोई फीस नहीं लगती। शेष तीन बच्चे कोसीकलां के आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ते हैं। इनमें से एक बच्चे की फीस विद्यालय प्रबंधन ने पहले ही माफ कर दी थी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अन्य दो बच्चों की फीस भी माफ करा दी गई। बच्चों को दो-दो सेट स्कूल ड्रेस, किताबें, बैग और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली कि भरत का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत हो चुका है। इस योजना के अंतर्गत 2.5 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत है। एक लाख रुपये की पहली किस्त जारी होने के बाद मकान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। परिवार की स्थिति को देखते हुए, एसडीएम छाता ने बच्चों को व्यक्तिगत रूप से गोद लेने की जिम्मेदारी ली है। एसडीएम बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं की निगरानी करेंगे, साथ ही भविष्य में भी जरूरत के अनुसार सहयोग सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की इस पहल से परिवार को आर्थिक राहत मिली है और बच्चों की शिक्षा जारी रहने का भरोसा भी मिला है।


