Mithun Chakraborty On Congress Rally: कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने विरोध-प्रदर्शन को लोकतंत्र का हिस्सा बताया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदर्शन हो या उसके खिलाफ प्रदर्शन, यह सिलसिला चलता रहेगा। उनके बयान को कांग्रेस की रैली के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “प्रोटेस्ट हो या नो प्रोटेस्ट, यह चलता रहेगा। यह लोकतंत्र है, इसमें कोई समस्या नहीं है। आगे बढ़िए और ऐसा कीजिए, लेकिन इन सब चीजों को निजी मुद्दों से ऊपर उठना चाहिए।” हालांकि, उपलब्ध बातचीत में उन्होंने रैली के सभी राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से अपनी राय नहीं रखी।
क्यों हो रही है कांग्रेस की रैली?
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की यह रैली 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होनी है। इसका मकसद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सरकार पर दबाव बनाना है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठा रहा है।
वीएचपी ने जताई आपत्ति
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने रैली की तारीख पर सवाल उठाए हैं। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की आलोचना करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान ऐसे आयोजन से आम लोगों और कारोबारियों को परेशानी हो सकती है।
वीएचपी के मुताबिक, 1 नवंबर को अहोई अष्टमी भी है। इस दिन कई महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। संगठन ने कांग्रेस से त्योहारों और लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखने की अपील की है।
व्यापारियों को कारोबार प्रभावित होने की चिंता
दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में व्यापारियों ने भी प्रदर्शन कर कांग्रेस से रैली दिवाली के बाद कराने की मांग की थी। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, व्यापारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को पत्र भेजकर अपनी चिंता जताई है।
व्यापारियों का कहना है कि रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात में बदलाव और सड़कों पर पाबंदियों के कारण बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित हो सकती है। इससे त्योहारों के समय बिक्री पर असर पड़ने की आशंका है।
राहुल गांधी ने भी दी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि व्यापारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करें, तो विरोध-प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक जाएंगे। उनकी यह टिप्पणी चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के संदर्भ में थी।
फिलहाल कांग्रेस की रैली को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। मिथुन चक्रवर्ती ने लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन के अधिकार पर जोर दिया है, जबकि वीएचपी और व्यापारी रैली की तारीख बदलने की मांग कर रहे हैं।

