झुंझुनूं कलेक्ट्रेट परिसर में आमतौर पर पुलिसकर्मियों, वकीलों और फरियादियों की आवाजाही दिखाई देती है, लेकिन अब यहां दो ऐसे पहरेदार भी तैनात हैं, जिनकी नजर कार्यालयों और आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ कुत्तों पर भी रहती है। नगर परिषद ने दोनों कर्मचारियों को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ड्यूटी पर लगाया है। डॉग पहले कर चुका है हमला कुछ समय पहले 20 अगस्त को एक कुत्ते ने सीनियर वकील रणजीत सिंह पर पीछे से हमला कर दिया था। वे एसीजेएम कोर्ट की ओर जा रहे थे, तभी कुत्ते ने उनके हाथ को बुरी तरह जख्मी कर दिया। इसी के साथ एक मजदूर पर भी हमला किया था। घटना के बाद परिसर में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। अचानक हुए हमले से बचने के लिए लोग कार्यालयों और कमरों में जा छिपे। कुत्ते ने परिसर में कई वकीलों और वहां काम कर रहे मजदूरों को भी निशाना बनाया था। अब सुबह से शाम तक निगरानी घटना के बाद प्रशासन सतर्क हुआ और नगर परिषद ने दो कर्मचारियों को परिसर में कुत्तों की आवाजाही रोकने के लिए तैनात किया। दोनों कर्मचारी सुबह 9 बजे ड्यूटी संभालते हैं और शाम 6 बजे तक निगरानी करते हैं। ये दोनों कर्मचारियों खाकी वर्दी पहनकर हाथ में लाठी लेकर पूरे परिसर में घूमते हैं। इन दोनों कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि कोई कुत्ता परिसर में घुसकर लोगों के लिए परेशानी न खड़ी कर दे। कलेक्ट्रेट में आने वाले लोगों के लिए ये गार्ड अब सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन गए हैं। उनकी ड्यूटी का केंद्र कुत्तों को परिसर में घुसने से रोकना है, ताकि फिर से किसी और पर हमला न हो।

