सीकर के सालासर रोड स्थित एक गार्डन में चल रही इंद्रेश उपाध्याय की श्रीमद् भागवत कथा (Shrimad Bhagwat Katha) में चेन स्नेचिंग (Chain Snatching) की वारदात से पहले पुलिस ने अलवर की आठ महिलाओं को पकड़ लिया। महिलाएं भीड़ के बीच संदिग्ध तरीके से घूम रही थीं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कथा में भीड़ का फायदा उठाने की थी साजिश
सीकर कोतवाली थाना पुलिस (Sikar Kotwali Police) के अनुसार कथा में पहले चेन स्नेचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी थीं। इसके बाद पुलिस ने कथा परिसर के आसपास सादा वर्दी में जवानों को तैनात किया था। मंगलवार को कथा के दौरान पुलिस को आठ महिलाएं संदिग्ध गतिविधियां करती हुई नजर आईं। पुलिस ने निगरानी के बाद सभी को भीड़ के बीच से पकड़ लिया।
थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि महिलाओं को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया गया। बुधवार को सभी महिलाओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। पुलिस कथा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है और फुटेज से महिलाओं की गतिविधियों का मिलान किया जा रहा है।
सभी महिलाएं अलवर के एक ही इलाके की
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं में मोनू (30) पत्नी आकाश, भारती (27) पत्नी रवि, कविता (35) पत्नी भूपसिंह, रजनी (40) पत्नी श्याम, सीमा (50), सोनिया (23) पत्नी अनिल कुमार, पूजा (26) पत्नी अशोक और बीना (60) पत्नी जनडेन शामिल हैं। सभी महिलाएं अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र की 60 फीट रोड इलाके की रहने वाली बताई गई हैं।
4-5 सेकंड में चेन काटकर हो जाती हैं गायब
सीकर पुलिस के अनुसार चेन स्नेचिंग के लिए आमतौर पर दो-तीन महिलाएं मिलकर काम करती हैं। पहले भीड़ में किसी महिला को निशाना बनाया जाता है। इसके बाद आसपास से घेरकर महज 4-5 सेकंड में सोने की चेन या अन्य आभूषण काट लिए जाते हैं। वारदात के तुरंत बाद महिलाएं भीड़ में शामिल होकर वहां से निकल जाती हैं।
पुलिस का कहना है कि पकड़ी गई महिलाओं की गतिविधियों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या ये महिलाएं पूर्व में भी ऐसी घटनाओं में शामिल रही हैं। पुलिस रैलियों, सभाओं और अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों में हुई चेन स्नेचिंग की घटनाओं से भी इनके संबंध की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

