कटिहार में हल्की बारिश से मौसम बदला:गर्मी से राहत, सड़कों पर कीचड़; बारिश से आलू और मक्का की खेती पर संकट

कटिहार में हल्की बारिश से मौसम बदला:गर्मी से राहत, सड़कों पर कीचड़; बारिश से आलू और मक्का की खेती पर संकट

कटिहार में गुरुवार और शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी और बारिश से मौसम ठंडा हुआ और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर कीचड़ फैल गया। इससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। सुबह से धूप नहीं निकलने के कारण दिनभर मौसम सुहाना रहा। आलू और मक्का की खेती पर असर पड़ने की आशंका पिछले दिनों गर्मी से परेशान लोग पंखे और एसी का सहारा ले रहे थे। बूंदाबांदी के बाद तापमान में ठंडक महसूस हुई। जिले के सभी प्रखंडों में मौसम बदलने से आम लोगों के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ी है। रबी फसल की तैयारी के बीच बारिश से आलू और मक्का की खेती पर असर पड़ने की आशंका है। सुबह से हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई। सावधानी बरतने की सलाह दी गई बारिश जारी रही तो शहर के निचले इलाकों में पानी भर सकता है और सड़कों पर कीचड़ बढ़ सकता है। लगातार बारिश होने पर किसानों को खेतों में खड़ी फसलों और कटाई के लिए तैयार उपज की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में लोगों को खुले मैदान में जाने और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार जलनिकासी की व्यवस्था मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा है। मौसम के आगे के रुख को लेकर लोगों की नजर टिकी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान रबी फसलों की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे समय में बारिश होने से आलू की बुआई और मक्का की शुरुआती खेती प्रभावित हो सकती है। खेतों में पानी जमा होने से आलू के कंद और शुरुआती पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं मक्का की बुवाई वाले खेतों में जलजमाव होने पर बीज के अंकुरण और पौधों की बढ़वार पर असर पड़ सकता है। किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार हालांकि, फसलों को वास्तविक नुकसान बारिश की मात्रा, खेती की स्थिति और आगामी मौसम पर निर्भर करेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में पानी जमा नहीं होने दें और जरूरत के अनुसार जलनिकासी की व्यवस्था करें। कृषि विशेषज्ञों की सलाह के बिना फसलों पर किसी प्रकार का छिड़काव न करें। फिलहाल बारिश और बढ़ती ठंड के बीच किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार है। कटिहार में गुरुवार और शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी और बारिश से मौसम ठंडा हुआ और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर कीचड़ फैल गया। इससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। सुबह से धूप नहीं निकलने के कारण दिनभर मौसम सुहाना रहा। आलू और मक्का की खेती पर असर पड़ने की आशंका पिछले दिनों गर्मी से परेशान लोग पंखे और एसी का सहारा ले रहे थे। बूंदाबांदी के बाद तापमान में ठंडक महसूस हुई। जिले के सभी प्रखंडों में मौसम बदलने से आम लोगों के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ी है। रबी फसल की तैयारी के बीच बारिश से आलू और मक्का की खेती पर असर पड़ने की आशंका है। सुबह से हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई। सावधानी बरतने की सलाह दी गई बारिश जारी रही तो शहर के निचले इलाकों में पानी भर सकता है और सड़कों पर कीचड़ बढ़ सकता है। लगातार बारिश होने पर किसानों को खेतों में खड़ी फसलों और कटाई के लिए तैयार उपज की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में लोगों को खुले मैदान में जाने और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार जलनिकासी की व्यवस्था मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा है। मौसम के आगे के रुख को लेकर लोगों की नजर टिकी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान रबी फसलों की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे समय में बारिश होने से आलू की बुआई और मक्का की शुरुआती खेती प्रभावित हो सकती है। खेतों में पानी जमा होने से आलू के कंद और शुरुआती पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं मक्का की बुवाई वाले खेतों में जलजमाव होने पर बीज के अंकुरण और पौधों की बढ़वार पर असर पड़ सकता है। किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार हालांकि, फसलों को वास्तविक नुकसान बारिश की मात्रा, खेती की स्थिति और आगामी मौसम पर निर्भर करेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में पानी जमा नहीं होने दें और जरूरत के अनुसार जलनिकासी की व्यवस्था करें। कृषि विशेषज्ञों की सलाह के बिना फसलों पर किसी प्रकार का छिड़काव न करें। फिलहाल बारिश और बढ़ती ठंड के बीच किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार है।  

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