कटिहार में बरारी-अमदाबाद के कई गांव बाढ़ में डूबे:गंगा का जलस्तर बढ़ा, घर छोड़कर ऊंची जगहों पर पहुंचे लोग; 2 गांवों का संपर्क टूटा

कटिहार में बरारी-अमदाबाद के कई गांव बाढ़ में डूबे:गंगा का जलस्तर बढ़ा, घर छोड़कर ऊंची जगहों पर पहुंचे लोग; 2 गांवों का संपर्क टूटा

कटिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बरारी और अमदाबाद प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बरारी प्रखंड की तीन पंचायतों में सैकड़ों लोग प्रभावित हैं। पिछले दो दिनों में जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद निचले इलाकों के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। इसके बाद लोग घर छोड़कर सुरक्षित और ऊंची जगहों पर जाने को मजबूर हैं। देखें, बाढ़ की 3 तस्वीरें… अचानक घरों में घुसा पानी, बढ़ी परेशानी बरारी प्रखंड के उचला गांव में अचानक बाढ़ का पानी घुसने की सूचना पर अंचलाधिकारी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के साथ बाढ़ पीड़ित परिवारों से बातचीत की। स्थानीय निवासी नरेश चौधरी और अंजली देवी ने बताया कि पानी अचानक घरों में घुस गया, जिससे खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनाज समेत जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। बांध टूटने से दो गांवों का संपर्क टूटा गंगा का जलस्तर बढ़ने से उचला गांव के सीजटोला में मनरेगा से बना बांध भी टूट गया है। यह बांध दो गांवों को जोड़ता था। इसके टूटने के बाद दोनों गांवों के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया है। अब ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई प्रभावित परिवार सड़क किनारे शरण लिए हुए हैं। प्लास्टिक और भोजन की मांग बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से प्लास्टिक, भोजन और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक आई बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। 72 घंटे तक चूल्हा नहीं जला तो मिलेगी राहत अंचलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। सरकारी प्रावधान के अनुसार यदि किसी परिवार के यहां 72 घंटे तक चूल्हा नहीं जलता है, तो उसे सूखा राशन उपलब्ध कराने या सामुदायिक रसोई शुरू करने की व्यवस्था की जाती है। प्रभावित परिवारों को फिलहाल प्लास्टिक उपलब्ध कराया जा रहा है और जल्द ही कम्युनिटी किचन शुरू करने की बात कही गई है। अमदाबाद के कई गांव भी पानी में डूबे उधर, अमदाबाद प्रखंड के दक्षिणी करीमुल्लापुर, भवानीपुर खट्टी, पार दियारा, दुर्गापुर, चौकियां पहाड़पुर और लखनपुर गांव भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। उपप्रमुख प्रतिनिधि मासूम के अनुसार, कई परिवार खाने-पीने की समस्या से जूझ रहे हैं और उन्हें अब तक पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के बीच तत्काल राहत सामग्री वितरित करने की मांग की है। कटिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बरारी और अमदाबाद प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बरारी प्रखंड की तीन पंचायतों में सैकड़ों लोग प्रभावित हैं। पिछले दो दिनों में जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद निचले इलाकों के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। इसके बाद लोग घर छोड़कर सुरक्षित और ऊंची जगहों पर जाने को मजबूर हैं। देखें, बाढ़ की 3 तस्वीरें… अचानक घरों में घुसा पानी, बढ़ी परेशानी बरारी प्रखंड के उचला गांव में अचानक बाढ़ का पानी घुसने की सूचना पर अंचलाधिकारी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के साथ बाढ़ पीड़ित परिवारों से बातचीत की। स्थानीय निवासी नरेश चौधरी और अंजली देवी ने बताया कि पानी अचानक घरों में घुस गया, जिससे खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनाज समेत जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। बांध टूटने से दो गांवों का संपर्क टूटा गंगा का जलस्तर बढ़ने से उचला गांव के सीजटोला में मनरेगा से बना बांध भी टूट गया है। यह बांध दो गांवों को जोड़ता था। इसके टूटने के बाद दोनों गांवों के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया है। अब ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई प्रभावित परिवार सड़क किनारे शरण लिए हुए हैं। प्लास्टिक और भोजन की मांग बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से प्लास्टिक, भोजन और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक आई बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। 72 घंटे तक चूल्हा नहीं जला तो मिलेगी राहत अंचलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। सरकारी प्रावधान के अनुसार यदि किसी परिवार के यहां 72 घंटे तक चूल्हा नहीं जलता है, तो उसे सूखा राशन उपलब्ध कराने या सामुदायिक रसोई शुरू करने की व्यवस्था की जाती है। प्रभावित परिवारों को फिलहाल प्लास्टिक उपलब्ध कराया जा रहा है और जल्द ही कम्युनिटी किचन शुरू करने की बात कही गई है। अमदाबाद के कई गांव भी पानी में डूबे उधर, अमदाबाद प्रखंड के दक्षिणी करीमुल्लापुर, भवानीपुर खट्टी, पार दियारा, दुर्गापुर, चौकियां पहाड़पुर और लखनपुर गांव भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। उपप्रमुख प्रतिनिधि मासूम के अनुसार, कई परिवार खाने-पीने की समस्या से जूझ रहे हैं और उन्हें अब तक पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के बीच तत्काल राहत सामग्री वितरित करने की मांग की है।  

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