कच्ची सड़क, कीचड़ से परेशान सुंडा गांव के लोग:कीचड़ को धोकर सड़क साफ की, तब निकल सका जुलूस; कई परिवार गांव छोड़कर राजस्थान जा चुके

कच्ची सड़क, कीचड़ से परेशान सुंडा गांव के लोग:कीचड़ को धोकर सड़क साफ की, तब निकल सका जुलूस; कई परिवार गांव छोड़कर राजस्थान जा चुके

गुना जिले की बमोरी इलाके की पाटी पंचायत के सुंडा गांव में आज भी ग्रामवासी पक्की सड़क को तरस रहे हैं। तेजा दशमी पर जुलूस निकालने से पहले ग्रामीणों ने मोटर से पानी डालकर सड़क को धोया। इसके बाद सड़क साफ हुई और जुलूस निकाला जा सका। बता दें कि यह गांव बमोरी इलाके के अंतिम छोर पर है। इससे कुछ ही दूरी पर राजस्थान की सीमा लग जाती है। ग्रामीण बाबूलाल, जगदीश, रामहेत, पृथ्वीराज, विनोद ने बताया कि आज सुंडा गांव को बसे हुए सैकड़ों वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक न किसी सरपंच, न किसी विधायक और न किसी मंत्री ने इस सुंडा गांव पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि गांव में कोई विकास नहीं हुआ है। अभी तक इस गांव में न कोई पक्की सड़क है और न ही पक्का मकान है। पूरे गांव के लोग कीचड़ में से निकलते हैं। आज भी कच्ची झुग्गियों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेजा दशमी के पर्व पर गांव के लोगों ने कीचड़ को पाइप से धो कर रास्ता साफ किया। इसके बाद आने जाने का रास्ता ठीक हो पाया और जुलूस निकल पाया। कीचड़ को साफ करते हुए वीडियो भी सामने आए हैं। तीन बार चुनाव का बहिष्कार कर चुके
इन ग्रामीणों का कहना है कि गांव वालों ने पूरा जोर लगा लिया, लेकिन किसी भी प्रकार से सुनवाई नहीं हो रही। सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत कर चुके हैं। तीन बार चुनाव का बहिष्कार तक कर चुके। प्रशासन झूठ बोलकर दबाव दे कर वोट डलवा तो देता है, लेकिन गांव में सड़क पुलिया की बात करते हैं, तो बोलते हैं कि गर्मी में करा देंगे, बरसात में करा देंगे। हर जगह से सिर्फ आश्वासन मिलता है
ग्रामीणों ने कहा कि जब उनके पास जाते हैं, तो कहते हैं कि विधायक के पास जाओ। विधायक के पास जाते हैं, तो वो भी केवल आश्वासन दे देते हैं कि करा देंगे। ग्रामीणों ने मांग की कि उनके गांव की तरफ भी ध्यान दिया जाए और मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, सड़क की व्यवस्था की जाए।

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