औरंगाबाद में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिले के सभी अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार, सरकारी भूमि सत्यापन, भू-समाधान पोर्टल सहित विभिन्न राजस्व सेवाओं की अंचलवार प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित मामलों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया। 16,546 ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों में 13,571 का निष्पादन बैठक में ऑनलाइन दाखिल-खारिज की अंचलवार स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 16,546 ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों में से 13,571 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। जिले की कुल निष्पादन दर 82 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों और निर्धारित अवधि से अधिक समय से लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। संबंधित अधिकारी मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए नियमानुसार उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। बैठक में जमाबंदी सुधारात्मक विवरण की भी समीक्षा की गई। नाम, विवरण और अन्य प्रविष्टियों में सुधार से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया, ताकि नागरिकों को राजस्व अभिलेखों से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े। 1.16 लाख सरकारी भूमि प्लॉट के सत्यापन की समीक्षा सरकारी भूमि के सत्यापन की समीक्षा के दौरान जिले में कुल 1,16,205 प्लॉट की स्थिति पर चर्चा की गई। इनमें से 1,11,302 प्लॉट का CO स्तर पर सत्यापन किया जा चुका है। सरकारी भूमि सत्यापन की कुल प्रगति 95.8 प्रतिशत बताई गई। जिलाधिकारी ने शेष प्लॉट के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में सरकारी भूमि के म्यूटेशन और अन्य भूमि संबंधी मामलों की भी समीक्षा हुई। कुल 4,260 मामलों की स्थिति पर चर्चा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। भूमि अधिग्रहण, भूमि हस्तांतरण और भूमि बंदोबस्ती से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा बसैरा-02 अभियान की भी समीक्षा हुई। अभियान के तहत जिले में कुल 2,706 सर्वेक्षण किए गए हैं, जिनमें 1,706 पर्चे अपलोड किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने भूमि आवंटन के बाद पर्चा अपलोड करने और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। भू-समाधान पोर्टल पर 2,294 मामलों का अंतिम निष्पादन बैठक में भू-समाधान पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पोर्टल पर प्राप्त कुल 2,609 आवेदनों में से 2,294 मामलों का अंतिम निष्पादन किया जा चुका है। शेष प्रक्रियाधीन मामलों को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं, सहयोग शिविर पोर्टल पर प्राप्त कुल 3,265 आवेदनों में से 3,125 मामलों का निष्पादन हो चुका है, जबकि 125 मामले लंबित बताए गए। जिलाधिकारी ने सभी CO और DCLR को निर्देश दिया कि नागरिकों से संबंधित आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाएं आम लोगों के लिए पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध होनी चाहिए। सभी संबंधित पोर्टल और अभियानों में अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा जिन अंचलों में अधिक मामले लंबित हैं, वहां विशेष ध्यान देकर निष्पादन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया गया। औरंगाबाद में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिले के सभी अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार, सरकारी भूमि सत्यापन, भू-समाधान पोर्टल सहित विभिन्न राजस्व सेवाओं की अंचलवार प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित मामलों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया। 16,546 ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों में 13,571 का निष्पादन बैठक में ऑनलाइन दाखिल-खारिज की अंचलवार स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 16,546 ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों में से 13,571 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। जिले की कुल निष्पादन दर 82 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों और निर्धारित अवधि से अधिक समय से लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। संबंधित अधिकारी मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए नियमानुसार उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। बैठक में जमाबंदी सुधारात्मक विवरण की भी समीक्षा की गई। नाम, विवरण और अन्य प्रविष्टियों में सुधार से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया, ताकि नागरिकों को राजस्व अभिलेखों से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े। 1.16 लाख सरकारी भूमि प्लॉट के सत्यापन की समीक्षा सरकारी भूमि के सत्यापन की समीक्षा के दौरान जिले में कुल 1,16,205 प्लॉट की स्थिति पर चर्चा की गई। इनमें से 1,11,302 प्लॉट का CO स्तर पर सत्यापन किया जा चुका है। सरकारी भूमि सत्यापन की कुल प्रगति 95.8 प्रतिशत बताई गई। जिलाधिकारी ने शेष प्लॉट के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में सरकारी भूमि के म्यूटेशन और अन्य भूमि संबंधी मामलों की भी समीक्षा हुई। कुल 4,260 मामलों की स्थिति पर चर्चा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। भूमि अधिग्रहण, भूमि हस्तांतरण और भूमि बंदोबस्ती से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा बसैरा-02 अभियान की भी समीक्षा हुई। अभियान के तहत जिले में कुल 2,706 सर्वेक्षण किए गए हैं, जिनमें 1,706 पर्चे अपलोड किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने भूमि आवंटन के बाद पर्चा अपलोड करने और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। भू-समाधान पोर्टल पर 2,294 मामलों का अंतिम निष्पादन बैठक में भू-समाधान पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पोर्टल पर प्राप्त कुल 2,609 आवेदनों में से 2,294 मामलों का अंतिम निष्पादन किया जा चुका है। शेष प्रक्रियाधीन मामलों को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं, सहयोग शिविर पोर्टल पर प्राप्त कुल 3,265 आवेदनों में से 3,125 मामलों का निष्पादन हो चुका है, जबकि 125 मामले लंबित बताए गए। जिलाधिकारी ने सभी CO और DCLR को निर्देश दिया कि नागरिकों से संबंधित आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाएं आम लोगों के लिए पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध होनी चाहिए। सभी संबंधित पोर्टल और अभियानों में अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा जिन अंचलों में अधिक मामले लंबित हैं, वहां विशेष ध्यान देकर निष्पादन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

