विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को औरंगाबाद शहर के गांधी मैदान में रावण वध कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। श्री सरस्वती आराध्य समिति की ओर से होने वाले इस आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष करीब 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यक्रम में शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। 21 वर्षों से रावण वध का आयोजन कर रही समिति समिति के संरक्षक पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि श्री सरस्वती आराध्य समिति पिछले 21 वर्षों से लगातार रावण वध कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार व्यापक स्तर पर आयोजन की तैयारी की गई है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। समिति के सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। रोशनी, आतिशबाजी और राम दरबार की झांकी होगी खास गांधी मैदान में रावण वध के दौरान आकर्षक रोशनी, आतिशबाजी और धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था की जाएगी। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की झांकी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके साथ आरती की जाएगी और फिर रावण के पुतले का दहन होगा। रोशनी और आतिशबाजी के बीच होने वाले इस आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को किया गया आमंत्रित समिति के संरक्षक पंकज कुमार वर्मा के अनुसार, कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों और अन्य गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। राम के आदर्शों और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश गांधी मैदान में आयोजित होने वाला रावण वध कार्यक्रम शहर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बन चुका है। पिछले दो दशकों से अधिक समय से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में हर वर्ष लोगों की भागीदारी रहती है। आयोजन के जरिए सत्य, धर्म, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाता है। साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है। विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को औरंगाबाद शहर के गांधी मैदान में रावण वध कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। श्री सरस्वती आराध्य समिति की ओर से होने वाले इस आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष करीब 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यक्रम में शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। 21 वर्षों से रावण वध का आयोजन कर रही समिति समिति के संरक्षक पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि श्री सरस्वती आराध्य समिति पिछले 21 वर्षों से लगातार रावण वध कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार व्यापक स्तर पर आयोजन की तैयारी की गई है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। समिति के सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। रोशनी, आतिशबाजी और राम दरबार की झांकी होगी खास गांधी मैदान में रावण वध के दौरान आकर्षक रोशनी, आतिशबाजी और धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था की जाएगी। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की झांकी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके साथ आरती की जाएगी और फिर रावण के पुतले का दहन होगा। रोशनी और आतिशबाजी के बीच होने वाले इस आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को किया गया आमंत्रित समिति के संरक्षक पंकज कुमार वर्मा के अनुसार, कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों और अन्य गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। राम के आदर्शों और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश गांधी मैदान में आयोजित होने वाला रावण वध कार्यक्रम शहर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बन चुका है। पिछले दो दशकों से अधिक समय से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में हर वर्ष लोगों की भागीदारी रहती है। आयोजन के जरिए सत्य, धर्म, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाता है। साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।

