औरंगाबाद में वज्रपात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के उद्देश्य से सोमवार को जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। समाहरणालय परिसर से डीएम अभिलाषा शर्मा ने 4 एलईडी जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आपदाओं से बचाव, सुरक्षित व्यवहार और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत चार एलईडी जागरूकता वाहन अगले 18 दिनों तक जिले के सभी 11 प्रखंडों की 144 पंचायतों में भ्रमण करेंगे। वाहनों पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से जागरूकता संबंधी संदेश और वीडियो प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक आपदा सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाना और लोगों को समय रहते सतर्क करना है। 74 पंचायतों में कठपुतली शो से मिलेगी जानकारी जागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिले की 74 पंचायतों में कठपुतली शो का भी आयोजन किया जाएगा। मनोरंजक और संवादात्मक तरीके से आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को वज्रपात समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि वज्रपात के समय खुले मैदानों में रहने, पेड़ों के नीचे शरण लेने और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने या गरज के साथ बारिश होने पर सुरक्षित पक्के भवन के अंदर या बंद छत वाले वाहन में आश्रय लेना अधिक सुरक्षित होता है। प्रशासन का मानना है कि केवल निर्देश जारी करने से ही आपदाओं का जोखिम कम नहीं किया जा सकता। इसके लिए जरूरी है कि आम नागरिक सुरक्षा उपायों को समझें और व्यवहार में अपनाएं। एलईडी वाहनों और कठपुतली शो के माध्यम से अधिकाधिक लोगों तक संदेश पहुंचाने की योजना बनाई गई है। डीएम ने प्रभावी क्रियान्वयन का दिया निर्देश जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित पदाधिकारियों को जागरूकता अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करने और अधिक से अधिक लोगों तक आपदा सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने में जन-जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। समय पर सही जानकारी मिलने और आवश्यक सावधानियां अपनाने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन उपेन्द्र पंडित और सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अंतरा कुमारी उपस्थित रहीं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूकता अभियान के दौरान दी जाने वाली जानकारियों को गंभीरता से लें और आपदा सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जा सके। औरंगाबाद में वज्रपात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के उद्देश्य से सोमवार को जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। समाहरणालय परिसर से डीएम अभिलाषा शर्मा ने 4 एलईडी जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आपदाओं से बचाव, सुरक्षित व्यवहार और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत चार एलईडी जागरूकता वाहन अगले 18 दिनों तक जिले के सभी 11 प्रखंडों की 144 पंचायतों में भ्रमण करेंगे। वाहनों पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से जागरूकता संबंधी संदेश और वीडियो प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक आपदा सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाना और लोगों को समय रहते सतर्क करना है। 74 पंचायतों में कठपुतली शो से मिलेगी जानकारी जागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिले की 74 पंचायतों में कठपुतली शो का भी आयोजन किया जाएगा। मनोरंजक और संवादात्मक तरीके से आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को वज्रपात समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि वज्रपात के समय खुले मैदानों में रहने, पेड़ों के नीचे शरण लेने और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने या गरज के साथ बारिश होने पर सुरक्षित पक्के भवन के अंदर या बंद छत वाले वाहन में आश्रय लेना अधिक सुरक्षित होता है। प्रशासन का मानना है कि केवल निर्देश जारी करने से ही आपदाओं का जोखिम कम नहीं किया जा सकता। इसके लिए जरूरी है कि आम नागरिक सुरक्षा उपायों को समझें और व्यवहार में अपनाएं। एलईडी वाहनों और कठपुतली शो के माध्यम से अधिकाधिक लोगों तक संदेश पहुंचाने की योजना बनाई गई है। डीएम ने प्रभावी क्रियान्वयन का दिया निर्देश जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित पदाधिकारियों को जागरूकता अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करने और अधिक से अधिक लोगों तक आपदा सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने में जन-जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। समय पर सही जानकारी मिलने और आवश्यक सावधानियां अपनाने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन उपेन्द्र पंडित और सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अंतरा कुमारी उपस्थित रहीं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूकता अभियान के दौरान दी जाने वाली जानकारियों को गंभीरता से लें और आपदा सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जा सके।

