भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कौस्तव बागची ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री अर्जुन सिंह की आलोचना की और आरोप लगाया कि सिंह ने छह साल पहले उत्तर 24 परगना जिले में पार्टी के एक नेता की हत्या के मामले के एक आरोपी के साथ मंच साझा किया। बैरकपुर के विधायक बागची ने उन वीडियो और तस्वीरों का हवाला दिया, जिनमें कथित तौर पर राज्य के परिवहन मंत्री को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व स्थानीय निकाय अध्यक्ष उत्तम दास और प्रशांत चौधरी के साथ मंच साझा करते देखा जा सकता है। मारे गए भाजपा नेता मनीष शुक्ला के पिता ने कथित तौर पर इन दोनों को हत्या मामले में आरोपी बताया था।
शुक्ला की चार अक्टूबर, 2020 को टीटागढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने इस मामले में सुपारी लेकर हत्या करने वालों और एक शार्पशूटर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। बागची ने कहा, ‘‘ हमारे कुछ लोग मनीष शुक्ला के हत्यारों के साथ नजर आ रहे हैं।
यह अच्छा नहीं लगता। मैं बैरकपुर का विधायक हूं और लोग मुझसे सवाल पूछ रहे हैं। अर्जुन सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं की गलतियों के कारण हमें जनता के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ अर्जुन सिंह से मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।
वह वरिष्ठ नेता हैं और हमारे अभिभावक भी हैं। लेकिन इन लोगों के साथ उनकी तस्वीरें देखना क्या अच्छा लगता है? मुझे पूरी उम्मीद है कि वह भविष्य में ऐसी गलतियां नहीं दोहराएंगे।’’
पेशे से वकील बागची ने दावा किया कि वह मामले में प्रगति सुनिश्चित करने के लिए नयी कानूनी कार्यवाही शुरू करने के कदम उठा रहे हैं।
बैरकपुर के विधायक ने कहा कि उन्होंने घटनाक्रम के संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव, सीआईडी के महानिदेशक और बैरकपुर के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। बागची ने आरोप लगाया कि आरोपियों को फिलहाल भाजपा नेताओं के एक वर्ग का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में उत्तम दास और प्रशांत चौधरी को पार्टी में शामिल नहीं होने देंगे।
बागची ने कहा कि राजनीतिक विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने लंबे समय तक अपना सिर मुंडवाकर रखा था और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेताओं को भाजपा में शामिल होने से रोकने के लिए वह इससे भी कड़े कदम उठाएंगे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा, ‘‘ जरूरत पड़ी तो मैं भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के सामने अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा लूंगा।’’
इस बीच, अर्जुन सिंह ने बागची के आरोपों को अधिक महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे पता है कि राजनीति कैसे की जाती है।’’
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तम दास ने दावा किया कि मंत्री के साथ मंच पर उनकी मौजूदगी भाजपा नेता के साथ उनके ‘व्यक्तिगत संबंधों’ के कारण थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी समय पहले ही तृणमूल कांग्रेस से अलग हो चुका हूं और अब केवल एक व्यक्ति हूं। मैंने कभी नहीं कहा कि मैं भाजपा में शामिल होना चाहता हूं। भाजपा के कई नेताओं के साथ मेरे व्यक्तिगत संबंध हैं, जो पहले तृणमूल कांग्रेस में थे।’’
दास ने कहा, ‘‘अर्जुन सिंह और कौस्तव बागची, दोनों के साथ मेरे करीबी संबंध हैं।
मुझे नहीं पता कि बागची अब ऐसी बातें क्यों कह रहे हैं।”
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल नेताओं को भाजपा में शामिल नहीं करने पर पार्टी नेतृत्व का जोर देना महज दिखावा है।

